नैनीताल । रामगढ़ विकासखंड के ग्राम हली (शेरा) में तीन वर्ष पूर्व आई आपदा के बाद भी प्रशासनिक सुस्ती के कारण ग्रामीण भय के साए में जीने को मजबूर हैं। इस संबंध में सोमवार को भाजपा नेता हेम आर्य के नेतृत्व में जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल को ज्ञापन दिया है ।
ज्ञापन में कहा है कि 11 जुलाई 2023 को क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि और बादल फटने की घटना में कई किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि और गौशालाएं मलबे में बह गई थीं। इस भीषण आपदा के बाद प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और तत्कालीन जिलाधिकारी वन्दना ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया था। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने सिंचाई विभाग नैनीताल को गांव के बीचों-बीच 200 मीटर लंबे पक्के नाले के निर्माण के सख्त निर्देश दिए थे। परंतु विभाग द्वारा महज 100 मीटर नाले का निर्माण करने के बाद काम को अधर में ही रोक दिया गया, जिससे आज भी आधा प्रभावित क्षेत्र पूरी तरह असुरक्षित बना हुआ है।
सिंचाई विभाग द्वारा शेष 100 मीटर नाले का निर्माण कार्य रोके जाने का मुख्य कारण शासन स्तर से वित्तीय स्वीकृति न मिलना बताया जा रहा है। नाला निर्माण अधूरा रहने से आगामी मानसून सत्र को लेकर स्थानीय काश्तकारों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय पहाड़ी से आने वाले पानी का तेज बहाव सीधे किसानों के खेतों और रिहायशी बस्तियों की तरफ मुड़ जाता है, जिससे हर समय जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है।
इस गंभीर समस्या को लेकर तहसील श्री कैंची धाम के ग्राम हली के आपदा प्रभावित कृषकों मोहन, पान सिंह, नंदन सिंह सहित अन्य ने भाजपा नेता हेम आर्य के नेतृत्व में जिलाधिकारी नैनीताल को ज्ञापन सौंपकर अपने स्तर से त्वरित कार्रवाई करने और रुकी हुई वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने की पुरजोर मांग की है, ताकि आगामी बरसात से पहले नाले का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा सके।


