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नैनीताल । नैनीताल के प्रभावशाली व्यक्तित्व देबी लाल साह का शुक्रवार को हल्द्वानी स्थित उनके आवास पर आकस्मिक निधन हो गया । वे करीब 97 वर्ष के थे ।

उनके पारिवारिक सूत्रों के अनुसार वे हल्द्वानी स्थित अपने आवास पर गिर पड़े थे और उन्हें कूल्हे में चोट आई थी । वे अपने पीछे पत्नी, पुत्र कर्नल संजय साह सहित 3 पुत्रियों का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं । उनकी शवयात्रा शनिवार की सुबह 9 बजे हल्द्वानी पनचक्की स्थित उनके आवास से रानीबाग को रवाना होगी ।

स्व.देबी लाल शाह का जन्म 5 नवंबर 1927 को अल्मोडा के एक प्रभावशाली ठूलघरिया परिवार में हुआ था। उनके दादा स्वर्गीय राय साहब अंतीराम साह एक अग्रणी बैंकर थे, जिन्होंने अल्मोडा जिले के पहले बैंकों में से एक एम/एस अंती राम साह एंड संस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके पिता स्वर्गीय राय बहादुर मनोहर लाल साह नगर पालिका बोर्ड नैनीताल के पूर्व अध्यक्ष थे।

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श्री देबी लाल शाह ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा सीआरएसटी और जीआईसी नैनीताल से की। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए इलाहाबाद चले गये। उन्होंने 1946 में प्रतिष्ठित क्रिश्चियन कॉलेज इलाहाबाद से इंटरमीडिएट और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर किया।

उन्होंने वर्ष 1949 में टेहरी गढ़वाल के सरकारी कोषाध्यक्ष के रूप में अपना करियर शुरू किया और टेहरी गढ़वाल के विभाजन पर उन्हें उत्तरकाशी का सरकारी कोषाध्यक्ष भी नियुक्त किया गया। इसके साथ ही उन्हें नैनीताल का शासकीय कोषाध्यक्ष भी नियुक्त किया गया। उन्हें सरकारी कोषाध्यक्ष पद पर नियुक्त होने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त हुआ था ।

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सरकारी कोषाध्यक्ष के रूप में अपनी प्रतिबद्धताओं के साथ-साथ उन्हें नैनीताल बैंक लिमिटेड के निदेशक, नैना देवी मंदिर के न्यासी बोर्ड के सदस्य और मोहन लाल शाह बाल विद्या मंदिर के निदेशक मंडल के सदस्य के रूप में भी नामित किया गया था।

बालिका विद्या मंदिर से अपने पूरे जीवन में जुड़े रहे ।  वह एक उत्साही पाठक, ज्ञान के भंडार और नैनीताल के गहन ज्ञान वाले रहे हैं। 97 साल की उम्र में भी उन्हें ब्रिटिश काल और उसके बाद की घटनाएं, सामान्य ज्ञान, तथ्य और आंकड़े अच्छी तरह याद थे । वे एक घुमक्कड़ प्रवृत्ति के व्यक्ति थे । नैनीताल से उनका विशेष लगाव था । उनका यहां जुबली ग्रो नाम से भवन है ।

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