खबर शेयर करें 👉

नैनीताल ।  ‘नशा नहीं रोजगार दो’ आंदोलन के विस्तार के क्रम में शनिवार को ‘नैनीताल समाचार ‘ के कार्यालय में राजीव लोचन साह की अध्यक्षता में एक बैठक की गई।

 

बैठक में राजीव लोचन साह ने 41 वर्ष पूर्व हुए नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन की विस्तृत जानकारी दी।बैठक में शामिल अधिकांश लोगों का मानना था कि रोजगार न मिलने के कारण उत्पन्न अवसाद के कारण युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में है तथा  केमिकल नशा, इंजेक्शन, स्मैक आदि सेवन का शराब से अधिक घातक हैं जो खास तौर पर विद्याथियों को बर्बाद कर रहा है ।

ALSO READ:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कल 5 जून को एक दिवसीय जनपद नैनीताल भ्रमण पर

 

वक्ताओं ने सुझाव दिया कि नशे के अड्डों को चिंहित किया जाए तथा नशे के शिकार युवाओं के अभिभावकों से बातचीत कर सामाजिक दबाव बनाया जाय।

 

इस गोष्ठी में शामिल लोगों का यह भी मानना था कि स्कूल के विद्यार्थी सबसे अधिक नशे का शिकार हो रहे हैं । इसलिये स्कूलों में जाकर नाटक आदि के माध्यम से युवाओं को नशे के खिलाफ प्रेरित किया जाए।

ALSO READ:  भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम व पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ की एफ आई आर निरस्त करने संबंधी पूर्व विधायक सुरेश राठौर की याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दिया अहम फैसला ।

बैठक में पी. सी . तिवारी ने अल्मोड़ा एवं हल्द्वानी में हुई बैठकों का ब्यौरा देते हुए नशे और रोजगार के सवाल पर व्यापक कार्यक्रम आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में राजीव लोचन साह, पी. सी. तिवारी, अजय, जय जोशी, पंकज भट्ट, मनमोहन सिंह चिलवाल, ज्योति दुर्गापाल, हरीश पाठक, घना पांडे, राधा देवी, विमला पांडे, मंजू पांडे, माया चिलवाल, चम्पा उपाध्याय, कविता उपाध्याय, कंचन जोशी, दिनेश उपाध्याय आदि ने भाग लिया।

You missed

You cannot copy content of this page