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हाईकोर्ट के पूर्व में जारी आदेश का पालन करने का निर्णय ।

 

नैनीताल । जिला प्रशासन ने नैनीताल शहर में टैक्सी वाहन संचालन को एसओपी  बनाने की कवायद शुरू कर दी है।  मामले में एडीएम फिंचा राम चौहान ने परिवहन विभाग, पुलिस विभाग अधिकारियों व पर्यटन कारोबारियों के साथ बैठक कर सुझाव मांगे।

 

बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्ष 2017 से पूर्व के पंजीकृत 88 टैक्सी बाइक स्वामी व चालकों का सत्यापन करवाया जाएगा। वर्ष 2017 के बाद पंजीकृत वाहनों के संचालन की रोकथाम को चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

 

बैठक में पर्यटन कारोबारियों ने टैक्सी बाइकों के कारण शहर में जाम लगने, अक्सर सडक़ दुर्घटना होने जैसे मुद्दे जोरशोर से उठाये। इस बीच संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी ने चरणबद्ध तरीके से अवैध टैक्सी वाहनों का संचालन रोकने का सुझाव दिया। बताया कि 2017 के बाद पंजीकृत वाहनों को शहर से बाहर रोक दिया जाए। पहले चरण में टैक्सी बाइकों को प्रतिबंधित करने के लिए मुनादी कर वाहन स्वामियों को जानकारी दी जाए। दूसरे चरण में चालानी कार्रवाई व तीसरे चरण में वाहनों को सीज व जब्त करने की कार्रवाई की जाए। एडीएम ने बताया कि शहर में टैक्सी बाइक संचालन को एसओपी बनाने पर कार्य किया जा रहा है।

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हाई कोर्ट के आदेशानुसार 2017 के बाद पंजीकृत वाहनों का संचालन शहर में शत प्रतिशत प्रतिबंधित किया जाएगा। सभी विभागीय अधिकारियों व पर्यटन कारोबारियों से सुझाव लिए गए है।

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इस मामले में एक सप्ताह में एसओपी तैयार कर ली जाएगी। जिसको धरातल पर उतारने के लिए परिवहन विभाग, नगर पालिका व पुलिस संयुक्त रूप से कार्य करेंगी। बैठक में सीओ सुमित पांडे, कोतवाल उमेश मलिक, ईओ प्रथम दीपक गोस्वामी, एसओ रमेश बोहरा, ईओ द्वितीय विनोद जीना समेत होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट, वेद साह व रुचिर साह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

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