खबर शेयर करें 👉
नैनीताल। राजस्व न्यायालयों सहित विभिन्न प्राधिकरणों में व्याप्त अनियमितताओं के विरोध में अधिवक्ताओं ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया ।
अधिवक्ताओं के धरने की सूचना पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अरविंद पांडेय धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने  जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन लिया । धरने को संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि पूर्व में दो बार जिलाधिकारी को पत्र सौंपे जा चुके हैं लेकिन इसके बावजूद व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ और राजस्व न्यायालयों की स्थिति जस की तस बनी हुई है अधिवक्ताओं का आरोप है कि राजस्व न्यायालयों में ऐसे बाहरी व्यक्ति कार्य कर रहे हैं जिनके पास कोई वैधानिक अधिकार नहीं है । इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा निर्धारित समय पर न्यायालयों में न बैठने की शिकायत भी सामने आई ।
अधिवक्ताओं ने बताया कि पत्रावलियों में क्रमांक अंकित नहीं किए जाते और पटवारी, कानूनगो समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं । जिससे वादकारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । उन्होंने अधिकारियों के रवैये पर भी कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त प्राधिकरण कार्यालयों में भी फाइलों को अनावश्यक रूप से अटकाने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने व्यवस्था सुधार की मांग की धरना स्थल पर पहुंचे।
  सीडीओ अरविंद पांडेय ने अधिवक्ताओं की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन लेते हुए जिलाधिकारी से वार्ता कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया ।
बार एसोसिएशन के सचिव दीपक रुवाली ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो हल्द्वानी व रामनगर बार एसोसिएशन के साथ 11 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा । इस संबंध में बार एसोसिएशन का लिखित पत्र प्राप्त हो चुका है । दोनों ही एसोसिएशन ने नैनीताल बार को अपना समर्थन दिया है । प्रदर्शन में एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवत प्रसाद, सचिव दीपक रुवाली, प्रताप पडियार, नीरज साह, ज्योति प्रकाश बोरा, राजेन्द्र कुमार पाठक, अखिलेश साह, एम बी सिंह, मान सिंह बिष्ट, गिरीश खोलिया, प्रमोद बहुगुणा, अरुण बिष्ट, मनोहर सिंह मेर, पुलक अग्रवाल, भगवत जंतवाल, अनिल हर्नवाल, प्रदीप परगाई, संजय सुयाल, अशोक मौलखी, अनिल सिंह बिष्ट, राजेन्द्र पंत, धीरेंद्र सिजवाली, आनंद दरमवाल, ललित मोहन जोशी, हरीश भट्ट, राजेन्द्र भैसोड़ा, सुभाष जोशी, कमल चिलवाल, शिवांशु जोशी, राकेश सुयाल, नीलेश भट्ट, निर्मल कुमार, उमेश कांडपाल, मनीष कांडपाल, पंकज कुमार, प्रमोद कुमार, जयंत नैनवाल, गौरव कुमार, प्रदीप प्रसाद, गजेंद्र मेहरा, दीपक दानु, मो शहनवाज़, मोहम्मद खुर्शीद, प्रीति साह, तारा आर्या, कामिनी गंगवार, आकांक्षा, नेहा आर्या, किरन आर्या, जया आर्या, रिंकी अंसारी, ज्योति आर्या, दिव्या आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
ALSO READ:  अंकिता भंडारी हत्याकांड --:उत्तराखंड महिला मंच ने सरकार और जांच एजेंसियों पर उठाए गंभीर सवाल, महिला मंच ने कहा वे इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के लिए दृढ़ संकल्पित, निचली अदालत द्वारा दोषियों को दी गई आजीवन कारावास की सजा को 'मृत्युपर्यंत कारावास' में बदलने की मांग।

You missed

You cannot copy content of this page