नैनीताल । जिला पंचायत नैनीताल के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिये 14 अगस्त को हुए मतदान के दिन 5 जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण से सम्बंधित जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान बुधवार को कथित रूप से अपहृत पांचों जिला पंचायत सदस्य हाईकोर्ट में पेश हुए । साथ ही सी बी सी आई डी हल्द्वानी के अधिकारी भी कोर्ट में हाजिर थे । मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ में हुई ।
आज सी बी सी आई डी के जांच अधिकारियों ने अपहरण से जुड़े मामले में अब तक हुई जांच की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश की । कोर्ट ने सी बी सी आई डी की जांच की धीमी गति और कड़ी नाराजगी जताते हुए कड़ी टिप्पणी की ।
बता दें कि 14 अगस्त को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दिन मतदान स्थल के समीप से 5 जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण हो गया था । जिसके बाद ज़िले की कानून व्यवस्था को लेकर गम्भीर सवाल उठे थे ।
इन जिला पंचायत सदस्यों में ककोड़ से सदस्य डीकर सिंह मेवाड़ी, ओखलकाण्डा मल्ला से प्रमोद सिंह, चापड़ से तरूण कुमार शर्मा, चौखुटा से दीप सिंह बिष्ट, जंगलियागॉव से
विपिन सिंह जंतवाल शामिल हैं ।
हालांकि जिन सदस्यों का अपहरण हुआ था उन्होंने बाद में अपनी मर्जी से घूमने जाने का बयान दिया था । लेकिन इससे पूर्व अपहृत सदसयों के परिजनों ने हाईकोर्ट के समक्ष बयान दिया कि अपहृत परिजनों से सम्पर्क नहीं हो रहा है इसलिये उन्हें ढूंढने में मदद की जाय । इस आशय के शपथ पत्र हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में सुरक्षित हैं ।
कोर्ट ने जिला पंचायत सदस्यों से घटना के दिन व उसके बाद के घटनाक्रम को लेकर बारी बारी से कड़े सवाल पूछे । जिसमें ये सदस्य बुरी तरह उलझ गए । जांच अधिकारियों के बयान भी विरोधाभासी थे । लंच समय होने से अब कोर्ट के फैसले का इंतजार है ।
इस मामले की सुनवाई कल 11 दिसम्बर को भी जारी रहेगी और उक्त पांचों सदस्यों को कल भी कोर्ट में पेश होना है ।


