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भारतीय सेना के एक जवान को पाकिस्तानी एजेंट को भारतीय सेना के बारे में गोपनीय और राजनीतिक जानकारी साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

सेना के अधिकारियों के अनुसार जोधपुर में गनर के पद पर तैनात प्रदीप कुमार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एक एजेंट के संपर्क में था। सेना के जवान की आवाजाही पर नजर रखी जा रही थी। यह पाया गया कि सैनिक फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से एक पाकिस्तानी महिला एजेंट के संपर्क में था और गोपनीय जानकारी साझा कर रहा था। इसके बाद आरोपी को 18 मई को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और फिर गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी तीन साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुआ था और मूल रूप से उत्तराखंड के रुड़की का रहने वाला है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी कुमार के पास करीब छह महीने पहले उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया था। छद्म नाम की महिला ने अपने आप को ग्वालियर की रहने वाली व बंगलुरु स्थित एमएनएस में पदस्थापित होना बताया। जिसके पश्चात दोनों व्हाट्सएप पर चैट और वीडियो कॉल द्वारा बातें करने लगे।

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उक्त महिला एजेंट द्वारा आरोपी से दिल्ली आकर मिलने व शादी करने का झांसा देकर आर्मी से सम्बंधित गोपनीय दस्तावेज के फोटो मांगना शुरू कर दिया। आरोपी ने हनीट्रैप में फंसकर अपने कार्यालय से सेना से सम्बंधित गोपनीय दस्तावेजों की फोटो चोरी छिपे अपने मोबाइल से खींचकर व्हाट्सएप के जरिए महिला एजेंट को भेजे। अधिकारियों के अनुसार फोन की जांच में तथ्यों की पुष्टि होने पर शासकीय गोपनीयता अधिनियम 1923 के तहत मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है। राजस्थान इंटेलीजेंस की ओर से जवान की गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद 18 मई को सेना उसे जोधपुर से पकड़ा । यह जवान तीन साल पहले भर्ती हुआ था ।

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