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नैनीताल । करोड़ों सनातनियों की आस्था के केन्द्र श्री माँ नयना देवी मन्दिर की छवि ख़राब करने के लिये सोशल मीडिया में सुनियोजित ढंग से अभियान चलाया जा रहा है । कुछ समय पूर्व गलतफहमी में जूते पहन कर मन्दिर के मुख्य द्वार से भीतर प्रवेश करने वाले मुसलमान दंपत्ति को लेकर शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर जिहाद छेड़ दिया गया था । इस घटना के बारे में अविलम्ब आपको तहरीर दी गयी थी । मगर दो सप्ताह का समय बीत जाने पर भी इस तहरीर पर क्या कार्रवाही हुई, प्राथमिकी दर्ज हुई अथवा नहीं? यदि हुई तो कितने लोगों से पूछताछ हुई । किस व्यक्ति को निरुद्ध किया गया गया, इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है । इस विलम्ब से श्री माँ के भक्तों में असंतोष पनप रहा है ।
इधर एक अन्य वीडियो हमारे संज्ञान में लाया गया है. जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है । इस वीडियो में एक मोहतरमा दर्शकों को बता रही हैं कि श्री माँ नयना देवी का प्रसाद लेकर घर नहीं आना चाहिए, यह पुनः श्री माँ का अपमान है और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर प्रहार है । प्रति वर्ष लाखों भक्त श्री माँ के मंदिर का प्रसाद लेकर श्रद्धापूर्वक देश-विदेश स्थित अपने घरों को जाते हैं । अब कोई स्वयंभू प्रकांड विद्वान उन्हें बतला रहे हैं कि यह प्रसाद घर ले जाने लायक नहीं है । इस वीडियो को पेन ड्राइव में आपको दिया जा रहा है ।(इस वीडियो में यह महिला नयना देवी मंदिर  नैनीताल, कामाख्या देवी मंदिर असम, काल भैरव मंदिर व बाला जी मंदिर मेहन्दीपुर का प्रसाद घर न ले जाने को कहा जा रहा है)
इन दोनों घटनाओं के लिये दोषी व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की समुचित धाराओं में कार्रवाही करें और कठोर दण्ड दिलवाने कि कृपा करें, ताकि भविष्य में कोई दुष्ट श्री माँ का अपमान और करोड़ों आस्तिक सनातनियों की श्रद्धा पर प्रहार करने का दुस्साहस न कर सके ।

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