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नैनीताल । भारतीय मजदूर संघ नैनीताल की बुधवार को संघ कार्यालय नैनीताल में हुई शोक सभा में  दिवंगत अंकिता भण्डारी को भावभीनी श्रध्दांजलि अर्पित की गयी और सरकार से मांग की गई कि ऐसे जघन्य अपराध की सजा सिर्फ फांसी होनी चाहिए । भारतीय मजदूर संघ मांग करता है कि जल्द से जल्द हत्यारों को सजा मिले और जो भी अन्य लोग इस घटना के दोषी हैं उनको भी कड़ी सजा दी जाय और सम्पूर्ण उत्तराखंड को रेगुलर पुलिस दायरे मे लाया जाय । साथ ही जो लोग गैर कानूनी तरीके से कार्य कर रहे हैं।  उस पर तत्काल रोक लगायी जा सके।
संघ के मंत्री विरेन्द्र खंकरियाल ने कहा कि अंकिता भण्डारी एक होटल कर्मचारी थी। उसके साथ हुए जघन्य अपराध की घोर भर्त्सना करते हुए कहा कि और न जाने कितने ऐसी वहिने व भाई हैं जिनको होटल प्रवन्धकों द्वारा आये दिन उत्पीड़न किया जाता है, कहा कि हाल ही में नैनीताल के एक होटल  के प्रवन्धक द्वारा अपने सभी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल कर वेरोजगार किया गया जिसमें एक कर्मचारी को आघात पहुच कर उसका देहांत हो गया । तीन महीने आन्दोलन चलते हुए कर्मचारियों को रोजी-रोटी की तलाश में आन्दोलन खत्म करना पडा। जिस पर किसी ने सुध नहीं ली अगर समय रहते सरकार व प्रशासन जाग जाता तो ऐसी स्थिति नहीं आती अंकिता भण्डारी आज जिंदा होती।
संगठन मंत्री मदन सिंह गैडा ने कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए जिससे भविष्य में होटल मालिकों द्वारा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो सके।
संघ के जिलाध्यक्ष पवन साह  ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ अंकिता भण्डारी के साथ हुई जघन्य अपराध की घोर भर्त्सना करता है तथा भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हो दोषियों को कड़ी सजा दी जाय तथा उस होटल मालिक से एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की । उत्तराखंड के होटलों में कार्य कर रहे कर्मचारियों के साथ हो रहे शोषण का सरकार व जिला प्रशासन से मांग की है कि होटल प्रवन्धको से श्रमकानुनो का पालन कड़ाई से लागू किया जाय।
इस अवसर पर भारतीय के जिला सदस्य नासिर खान, हरिश विश्वकर्मा, विकास जोशी, जगदीश प्रकाश, राजेन्द्र प्रसाद, सुरेश चंन्द्रा, हरीश आर्य, हरिश चौधरी, होटल कर्मचारी संघ, विधालय कर्मचारी संघ नैनीताल व उत्तरांचल आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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