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नैनीताल । जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल प्रशांत जोशी की अदालत ने रामगढ़ ब्लॉक के बसगांव में जमीन विक्रय करने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के दो आरोपियों की जमानत ख़ारिज कर दी है । इन दोनों आरोपियों ने फर्जी नामों व दस्तावेजों से बसगांव रामगढ़ स्थित 13 नाली से अधिक  जमीन बेच दी थी ।

 

इस मामले में बसगांव निवासी दर्शन पाठक व अन्य ने 6 जुलाई 2025 को भवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था । जिसमें खीमसिंह व शंकर सिंह ने बसगांव निवासी जयकिशन जोशी व मुरलीधर जोशी पुत्रगण हरिदत्त जोशी के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फ्रॉड किया। जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपनी जमीन, ढोकाने निवासी मोहन सिंह व अन्य को फर्जी दस्तावेज बनाकर को बेच दी थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब दाखिल खारिज की प्रक्रिया शुरू हुई । तब जयकिशन व मुरलीधर नाम के व्यक्ति गांव में नहीं मिले ।

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इस मामले की जांच के बाद एस एस पी, जिलाधिकारी व कुमाऊँ आयुक्त की रिपोर्ट में लैंड फ्रॉड की पुष्टि हुई । जिसमें पता चला कि बसगांव निवासी जयकिशन व मुरलीधर नाम के व्यक्ति बनकर देघाट अल्मोड़ा के खीमसिंह व शंकर सिंह ने यह जमीन ढोकाने निवासी मोहन सिंह व अन्य को बेच दी । आरोपियों ने अपना पता इंदिरानगर लखनऊ का दिया था वह भी फर्जी था ।

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आरोपियों ने रजिस्ट्री में अपनी आयु 36 व 26 साल दिखाई थी । जबकि यदि जयकिशन व मुरलीधर जिंदा होते तो उनकी उम्र 100 से अधिक होती ।

 

 

आरोपी खीमसिंह व शंकर सिंह जो कि देघाट अल्मोड़ा जिले के निवासी हैं, की जमानत याचिका की जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील शर्मा ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह लैंड फ्रॉड का बड़ा मामला है । जिसमें करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हुई है । इस आधार पर कोर्ट ने आरोपियों की जमानत खारिज कर दी ।

 

 

 

 

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