खबर शेयर करें 👉
नैनीताल।  द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश नैनीताल कुलदीप शर्मा की अदालत ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के आरोपी अयारपाटा नैनीताल निवासी दीप शर्मा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।  न्यायालय ने दोषी पर 10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उसे तीन महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय ने आदेश दिया है कि यह संपूर्ण अर्थदंड राशि मृतका के पीड़ित परिजनों को प्रदान की जाए। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने मामले की प्रभावी पैरवी करते हुए कुल 15 गवाहों के बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज कराए, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध हुआ।
​मामले के अनुसार, भीमताल के सोन गाँव निवासी नीरज पलड़िया ने 2 फरवरी 2021 को मल्लीताल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बहन अंशु शर्मा का विवाह वर्ष 2017 में अयारपाटा (मल्लीताल) निवासी दीप शर्मा के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही दीप शर्मा और उसके परिवार के सदस्य दहेज के लिए अंशु को लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे और उसके साथ मारपीट की जाती थी। अंततः 2 फरवरी 2021 को दीप शर्मा ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर अंशु की हत्या कर दी। मृतका की दो वर्ष की एक छोटी बच्ची भी है, जिसके सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया।
​सुनवाई के दौरान चिकित्सा रिपोर्ट और डॉक्टरों के बयानों ने इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शव विच्छेदन (पोस्टमार्टम) रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर मृत्यु से पूर्व की 6 गंभीर चोटें पाई गईं और डॉक्टरों द्वारा यह सिद्ध किया गया कि अंशु की मृत्यु फांसी लगाने (हैंगिंग) से नहीं, बल्कि दोपहर करीब 12:30 बजे गला दबाने के कारण दम घुटने से हुई थी। घटना के समय आरोपी घर पर मौजूद था, लेकिन उसने न तो पत्नी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, न ही वह पंचायतनामे या दाह संस्कार में शामिल हुआ और घटना के बाद कई दिनों तक फरार रहा।
न्यायालय ने साक्ष्यों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी दीप शर्मा को धारा 304बी (दहेज मृत्यु) के बजाय सीधे धारा 302 (हत्या) के अंतर्गत दोषी मानते हुए यह कड़ी सजा सुनाई।

You missed

You cannot copy content of this page