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नैनीताल ।
​कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित वनस्पति विज्ञान विभाग में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और ‘मिशन ग्रीन’ के तहत एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ‘मिशन ग्रीन’ के क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख और प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. हरीश रौतेला शामिल हुए, जिन्होंने परिसर में पदम, बांज (ओक), बुरांस और देवदार जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधों का रोपण किया।

 

 

पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में डॉ. रौतेला का असाधारण योगदान रहा है; वे अब तक पांच लाख से अधिक पौधे लगा चुके हैं और उन्होंने हरेला महोत्सव को एक विशिष्ट पर्यावरणीय कार्यक्रम बनाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अवसर पर डॉ. रौतेला को उनके इस अनुकरणीय कार्य के लिए विभाग द्वारा शॉल ओढ़ाकर और पौधों के फ्लायर भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया, साथ ही उनके सहयोगी अभिषेक जी को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. रौतेला ने उत्तराखंड की पारंपरिक कृषि और ‘खेत बचाओ’ आंदोलन पर भी गहराई से चर्चा की, और कहा कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी हमें जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण देती है, जबकि ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी मुहिम हमारी समृद्ध संस्कृति की परिचायक है। वहीं, विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ललित तिवारी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि धरा को हरा-भरा रखने के लिए पौधे लगाना हम सभी का प्रथम कर्तव्य है।

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​इस गरिमामयी पर्यावरणीय आयोजन में विश्वविद्यालय और विभाग से जुड़े कई गणमान्य लोग एकजुट हुए। पौधारोपण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य अरविंद पड़ियार, अभिषेक जी, प्रोफेसर आर.के. जोशी, डॉ. महेंद्र राणा, अभिराम पंत, भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य डॉ. भुवन आर्य, डॉ. मोहित रौतेला, डॉ. दीपक मेलकानी, डॉ. एल.एस. लोधियल, डॉ. किरण बरगली, मोहित खाती, लीला और शीतल सहित अनेक लोग सक्रिय रूप से शामिल रहे।

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मुख्य कार्यक्रम के समापन के पश्चात डॉ. हरीश रौतेला ने डीएसबी परिसर में स्थित ऐतिहासिक ‘हिमालयन म्यूजियम’ का भी विस्तृत अवलोकन किया, जहाँ उन्होंने वहां संरक्षित किए गए दुर्लभ ऐतिहासिक सिक्कों को देखा और उनकी सराहना की। म्यूजियम भ्रमण के इस दौरान उनके साथ डॉ. पूरण अधिकारी, डॉ. हरदयाल जलाल और डॉ. भुवन शर्मा भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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