नैनीताल । हिमालय क्षेत्र के विविध रूपों को दर्शाने वाले तीन जर्मन भूवैज्ञानिक भाइयों-एडोल्फ, हरमन और रॉबर्ट श्लागिंटवेट के चित्रों की प्रदर्शनी नैनीताल के सीआरएसटी इंटर कालेज के जगदीश लाल साह सभागार में शुरू हो गई है । इन दुर्लभ चित्रों की प्रदर्शनी दिल्ली,देहरादून के बाद नैनीताल में लगी है ।
मंगलवार की शाम इस प्रदर्शनी का शुभारंभ हाईकोर्ट के न्यायधीश न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, कुलपति कुमाऊं विश्व विद्यालय प्रो.दीवान सिंह रावत, पालिकाध्यक्ष डॉ.सरस्वती खेतवाल , विशिष्ट अतिथि जर्मन के प्रो. हरमन क्रॉइट्ज़मैन , जर्मन लेखक सबीना फेल्मी ने कियाl कार्यक्रम का संचालन कविता उपाध्याय ने किया l
जर्मन के प्रो. हरमन क्रॉइट्ज़मैन ने हाई एशिया, हिमालय, काराकोरम, पामीर, तिब्बत पठार में पशुपालन, सीमा-निर्माण, सिल्क रोड व्यापार, और जलवायु परिवर्तन का पर्वतीय समुदायों पर असर की जानकारी दी । पहाड़ फाउंडेशन के संस्थापक प्रो. शेखर पाठक ने पंडित नैन सिंह पर व्याख्यान दिया l उन्होंने बताया कि श्लागिंटवेट भाइयों ने पहले यूरोपियन थे जिन्होंने सर्वे में कार्य करने वाले भारतीयों के नाम रिकॉर्ड में लिखा l उन्होंने कहा आज हार्मन श्लागिंटवेट के 200 वर्ष पूर्ण होने वाले है l बताया कि नैन सिंह रावत और मानी सिंह उनके प्रमुख सहायक थे l एडोल्फ ने भेष बदलकर तिब्बत के नगारी खोरसुम तक यात्रा की। 1857 में काशगर में चीनी जासूस समझकर हत्या कर दी गई ।
यह प्रदर्शनी 18 मई तक जारी रहेगी । जिसे आयोजक संस्था पहाड़ ट्रस्ट ने निःशुल्क रखा है। प्रदर्शनी में हिमालय के 77 चित्रों को प्रदर्शित किया गया है । पहाड़ ट्रस्ट के संस्थापक पद्मश्री प्रो शेखर पाठक ने बताया कि, प्रदर्शनी में पांच चित्रों को पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें श्रीनगर में डल झील का मनोरम दृश्य और मेघालय का बोगापानी पुल भी शामिल है।
प्रो .पाठक ने बताया कि, 1854 में, ईस्ट इंडिया कंपनी (ईआईसी) ने भारतीय उपमहाद्वीप के चुंबकीय सर्वेक्षण क्लो पूरा करने के लिए तीन जर्मन भूवैज्ञानिक भाइयों एडोल्फ, हरमन और रॉबर्ट श्लागिंटवेट को काम पर रखा था। पाठक ने बताया कि, श्लागिंटवेइट भाइयों ने यूरोपीय आल्प्स में सावधानीपूर्वक और विलक्षण शोध के लिए प्रतिष्ठा प्राप्त की थी।
इस मौके पर आयोजक संस्था की ओर से अंतर्राष्ट्रीय छायाकार पद्मश्री से सम्मानित अनूप साह, आलोक साह,राजीव लोचन साह , आलोक साह, कैप्टन अच्युत कुमार, चंदन डांगी, विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज पांडे, अनुपम उपाध्याय, धीरज बिष्ट, अनिल कुमार आदि बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे


