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सरकार पर महिला कामगारों की अनदेखी करने का आरोप ।

रुद्रपुर। ट्रेड यूनियन एक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की जिला कमेटी की बैठक पुराना इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक्टू कार्यालय में हुई।

 

बैठक में एक्टू के प्रदेश महामंत्री केके बोरा ने कहा कि भाजपा सरकार उद्योगों में तो मजदूरों का शोषण करने वाली नीतियां बना ही रही है साथ ही सरकारी विभाग में काम करने वाले महिला कामगारों का भी शोषण किया जा रहा है।

 

उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाली हजारों आशाएं बिना न्यूनतम वेतन के लगातार काम कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के फील्ड का सारा काम आशा वर्कर ही करती हैं परंतु उन्हें ना तो राज्य कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और ना ही उन्हें न्यूनतम वेतन हासिल है।

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उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन लंबे समय से आशाओं को न्यूनतम वेतन देने और उनका राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग कर रहा है लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार उन्हें बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

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यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार रोज नए काम आशाओं पर लाद देती है लेकिन उनकी मेहनत का पूरा दाम देने के नाम के सवाल पर चुप्पी साध लेती है। यूनियन सरकार की शोषणकारी नीतियों के खिलाफ जल्द आंदोलन करेगी।

 

बैठक में यूनियन की जिला अध्यक्ष ममता पानू, प्रदेश उपाध्यक्ष रीता कश्यप,अनु, कल्पना मिस्त्री, काजल, सुधा गोस्वामी, रेखा देवी, तारा बिष्ट,राज्य कमेटी सदस्य ललित  मटियाली मौजूद थे।

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