खबर शेयर करें 👉

नैनीताल। भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, शिव-तत्त्व तथा उत्तराखंड विशेषकर कुमाऊँ क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित महत्वपूर्ण शोधपरक पुस्तक “कुमाऊँ में शिव-भक्ति परंपरा (108 शिवलिंग के विशेष संदर्भ में)” का विमोचन उत्तराखण्ड के  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) एवं प्रोफेसर (कर्नल) दीवान सिंह रावत, कुलपति, कुमाऊँ विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। इस पुस्तक के लेखक डॉ. जितेंद्र कुमार लोहनी एवं प्रोफेसर रजनीश पांडे हैं।

ALSO READ:  पूर्व राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण सम्मान मिलने पर नैनीताल में भव्य अभिनंदन; कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत, रूसी में पान सिंह खनी के आवास पर हुआ स्वागत कार्यक्रम ।

 

पुस्तक में कुमाऊँ क्षेत्र की शैव परंपरा, प्राचीन शिव मंदिरों, लोकविश्वासों, धार्मिक आस्थाओं एवं सांस्कृतिक धरोहर का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। विशेष रूप से अल्मोड़ा जनपद स्थित 108 शिवलिंगयुक्त श्री जागेश्वर धाम की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक एवं स्थापत्यगत महत्ता का विस्तृत विश्लेषण पुस्तक को विशिष्ट बनाता है।

ALSO READ:  उत्तराखंड हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में धूमधाम से मनाया गया लोकपर्व 'हरेला' ।

 

पुस्तक कुल नौ अध्यायों में विभाजित है, जिनमें भगवान शिव के दार्शनिक स्वरूप, कुमाऊँ की मंदिर परंपरा, स्थापत्य कला, सांस्कृतिक चेतना तथा वर्तमान सामाजिक-आर्थिक संदर्भों का क्रमबद्ध विवेचन किया गया है। साथ ही यह ग्रंथ उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन, तीर्थाटन, स्थानीय रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को भी रेखांकित करता है।

You missed

You cannot copy content of this page