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नैनीताल ।
उत्तराखंड राज्य बनने के बाद राजधानी को लेकर दोनों मंडलों में काफ़ी खी़चा तानी रही,नैनीताल में भी राजधानी की बात काफी आगे बढी अंनंत: रेलवे,पर्यटन, हवाई सेवाओ सहित कई अन्य कारणों से अस्थाई राजधानी देहरादून में स्थापित हुई,नैनीताल, कुमाऊ की नाराजगी दूर करने व बैलैंस करने को, हाई कोर्ट नैनीताल में स्थापित हुई,तत्कालीन मुख्यमंत्री मा.श्री नित्यानंद स्वामी व तत्कालीन सांसद मा. श्री नारायण दत्त तिवारी जी भी तब नैनीताल में उपस्थित थे , लेकिन तब से ही नैनीताल पर्यटन,भीड़भाड़ को लेकर भविष्य में यह प्रश्न उठा था जो अब आम लोगों के आवागमन,व सुविधा को देखते हुवे जरुरी हो गया कि,नैनीताल से अगर हाई कोर्ट शिफ्ट हो ऋषिकेश नहीं, कुमाऊं में ही हो व जनपद नैनीताल में ही हो जिसके लिये गौलापार में पूरी तैय्यारी है, इसके अतिरिक्त, राम नगर, हल्दूचौड़,रानीबाग में भी जमीन उपलब्ध है
और समानता भी बनी रहेगी,
राजेन्द्र सिंह खनवाल
पूर्व दर्जा मंत्री (आवास) उत्तराखंड,
उत्तराखंड राज्य आन्दोलनकारी नैनीताल

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