खबर शेयर करें 👉

हल्द्वानी । जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल की अध्यक्षता में बुधवार को जिला पंचायत नैनीताल की बोर्ड बैठक सर्किट हाउस काठगोदाम में सम्पन्न हुई। बैठक में कई प्रमुख, सदस्य जिला पंचायत एवं विभागों के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

बैठक में जिला पंचायत में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु विकास योजनाओं के सम्बन्ध में सभी सदस्यों ने विचार रखे और अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया।

बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने कहा कि बैठक में सदस्यों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र की जो भी समस्यायें रखी है अधिकारी तत्परता से उन समस्याओं का समाधान करना सुनिश्चित करें। अधिकारी फील्ड में जाकर समस्याओं को जानें, समझें एवं उनका समाधान करें। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों के सहयोग से विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वह स्वच्छता अभियान में भी अपना सहयोग प्रदान करें।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं के कारण होने वाले नुकसान एवं दुर्घटनाओं को रोकने हेतु आवश्यक कार्यवाही का मामला सदन में रखा इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया कि निराश्रित पशुओं को सुरक्षित गौशालाओं में रखे जाने के लिए रामनगर, बैलपड़ाव, मालधनचौड़, लालकुआं, हल्दूचौड आदि स्थानों पर गौशाला संचालित है लेकिन इन गौशालाओं में क्षमता से अधिक पशु हैं। वर्तमान में जनपद की इन गौशालाओं में 3100 गोवंश हैं। प्रति गौशाला प्रतिदिन 80 रुपये पशुपालन विभाग द्वारा दिया जाता है। उन्होंने अवगत कराया कि जिला पंचायत द्वारा रामनगर के मालधनचौड़ में गौशाला निर्माण हेतु डीपीआर तैयार की जा रही है।

इसके साथ ही जिले के जिन स्थानों पर गौशालायें नही है उन स्थानों में गौशाला निर्माण हेतु भूमि का चयन किया जा रहा है। उन्होंने सदस्यों से भी अपील की कि उनके क्षेत्र में जहां-जहां सरकारी भूमि है उसका चिन्हिकरण कर गौशालाओं हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराएं।

ALSO READ:  भाजपा नेता डॉ. भुवन चंद्र आर्य ने नैनीताल विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में किया सघन जनसंपर्क, ग्रामीणों और शिक्षकों से की मुलाकात,

*बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा ग्राम गौसेवक योजना संचालित है। इस योजना के तहत 05 नरगोवंश को पालने हेतु सरकार द्वारा 400 रूपये प्रतिदिन पशुओं के भरणपोषण हेतु दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जनपद में वर्तमान में 31 ग्राम गौसेवक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जनपद के लोगों से अपील की कि जो लोग ग्राम गौसेवक योजना से अधिक लोग लाभान्वित हो सकते हैं।*

बैठक के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों के सदस्यों द्वारा पीएचसी/सीएचसी सेंटरों में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे तथा 108 एम्बुलैंस की कोई सुविधा न होने की शिकायत की गई जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिये कि पर्वतीय क्षेत्रों के चारों ब्लाकों रामगढ,धारी,ओखलकांड एवं बेतालघाट में चिकित्सा विभाग की टीमें प्रत्येक माह कैम्प लगाकर अल्ट्रासाउंड, एक्सरे तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र बनायें यह कार्य रोस्टरवार किया जाए ताकि पर्वतीय क्षेत्र के सभी लोग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को यह कार्य प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिये।

उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिये कि जनपद के पीएचसी/सीएचसी सेंटरों के चिकित्सकों के द्वारा बाहर की दवाईयें लिखना प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि इसकी भी मानिटरिंग नियमित की जाए।
बैठक में विभिन्न सदस्यों द्वारा अवगत कराया कि जंगली जानवरों द्वारा फसलों और जान-माल के बढ़ते नुकसान को रोकने के लिए वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में फेंसिंग (बाड़ लगाने), जैसे सौर ऊर्जा चालित या कटीले तारों की बाड़, लगाने का आग्रह किया। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने वन महकमे व कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस कार्य को प्राथमिकता से करें। इसके साथ ही उन्होंने वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग, फेंसिंग लगाने के निर्देश दिये साथ ही जंगली जानवरों के द्वारा जो जानमाल का नुकसान पहुचाया जाता है इसके लिए भी ठोस कार्ययोजना बनाते हुए ठोस कार्यवाही करें।

ALSO READ:  सूची -: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने की 70 से अधिक ओथ कमिश्नरों की नियुक्ति, 26 जुलाई से प्रभावी होगा आदेश ।

उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को निर्देश दिये कि जनपद के शहरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण प्रतिदिन किया जाए। इसके लिए टीमों का गठन कर समन्वय के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा पर्वतीय क्षेत्रों में आन्तरिक मार्गाें पर सडक पर जहां-जहां झाडी है उन मार्गाें को साफ करना सुनिश्चित करें। इसके लिए वन विभाग, लोनिवि के साथ संयुक्त रूप से टीम बनाकर कार्य किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने लोनिवि एवं पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देश दिये कि पर्वतीय क्षेत्रोें में जो सडकेें क्षतिग्रस्त है उन्हें प्राथमिकता के साथ गढ्ढामुक्त करना सुनिश्चित करें।
बैठक में सदस्यों ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में जेजेएम के तहत जो कार्य किये गये है कई क्षेत्रों में अभी भी लोगों के घरों में पानी नही आ रहा है। सीडीओ ने जलसंस्थान एवं जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये कि पेयजल की समस्या का समाधान शीघ्रता के साथ करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा लोगों की मूलभूत सुविधायें सडक पानी, बिजली,सिंचाई हैं पर्वतीय क्षेत्रों में ये सभी सुविधाओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को रखा गया जिनके समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में उपाध्यक्ष जिला पंचायत देवकी बिष्ट,ब्लाक प्रमुख केडी रूवाली, मंजू नेगी सहित विभिन्न सदस्यों के साथ ही जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी,अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश कुमार सहित विभिन्न सदस्य जिला पंचायत एवं जनपद के विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

You missed

You cannot copy content of this page