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नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मेट्रोपोल शत्रु सम्पत्ति में अवैध रूप से रह रहे कब्जेदारों की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे इस आशय का अंडरटेकिंग दें कि वे दस दिन के भीतर कब्जे खाली कर देंगे । याचिकाकर्ता कोर्ट के समक्ष इस भूमि में अपने स्वामित्व का कोई रिकार्ड पेश नहीं कर सके । इधर लंच बाद याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष पेश होकर अतिक्रमण खाली करने के लिये समय की मांग की और कहा कि वे अंडरटेकिंग नहीं दे सकते । जिसके बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है ।

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याचिका की सुनवाई मुख्य
न्यायधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खण्डपीठ में हुई ।
बता दें कि एसडीएम कोर्ट और सिविल कोर्ट से अतिक्रमणकारियों को राहत

नहीं मिलने पर उन्होंने उच्च न्यायलय में याचिका दायर की थी ।
मामले के मुताबिक महमूद अली तथा ताहिर समेत अन्य 8 लोगों ने याचिका दाखिल
की है और एसडीएम के नोटिस को चुनौती दी है। कहा है कि नैनीताल के शत्रु
संपत्ति पर सालों से कब्जा है जिसको लेकर 134 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर 4 मई को नोटिस दिया गया और 24 जून को बेदखली का नोटिस एसडीएम
नैनीताल द्वारा दे दिया गया। घरों को खुद खाली नहीं करने पर प्रशासन ने
इन लोगों के बिजली पानी के कनेक्शन काट दिए थे।

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इधर जिला प्रशासन ने मेट्रोपोल परिसर से अतिक्रमण हटाने की सारी तैयारी पूरी कर ली है । यहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है । अतिक्रमण वाले स्थान पर धारा 144 लागू की गई है और कल 22 जुलाई से इस मार्ग से यातायात डायवर्ड किया  गया है ।

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