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नैनीताल । द नैनीताल बैंक लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं, जिसमें बैंक ने सभी प्रमुख पैमानों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखाया है।
 नैनीताल में आयोजित वार्षिक बोर्ड बैठक के बाद बैंक ने जानकारी दी कि उसका कुल व्यवसाय 6.75% की वृद्धि के साथ ₹14,118.02 करोड़ तक पहुंच गया है। बैंक की स्थापना 1922 में भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत द्वारा की गई थी और अपनी 104 वर्षों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए इसने वित्तीय अनुशासन के नए मानक स्थापित किए हैं।
​बैंक की जमा और अग्रिम राशि में भी इस साल अच्छी बढ़त देखने को मिली है। कुल जमा राशि 4.46% बढ़कर ₹8,623.67 करोड़ हो गई, जबकि सकल अग्रिम में 10.55% की वृद्धि के साथ ₹5,494.35 करोड़ का आंकड़ा छुआ है। विशेष रूप से रिटेल सेगमेंट में बैंक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 22.65% की वृद्धि दर्ज की है। बैंक का सी ए  एस ए अनुपात 40.48% रहा, जो इसकी मजबूत परिचालन स्थिति को दर्शाता है।
​परिसंपत्ति की गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक को बड़ी सफलता मिली है, जहां सकल एनपीए  पिछले वर्ष के 7.78% से घटकर अब 4.95% रह गया है। वहीं शुद्ध एनपीए में भारी गिरावट दर्ज की गई और यह अब मात्र 0.27% पर आ गया है। बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात (पी सी आर) भी सुधरकर 94.01% हो गया है, जिससे बैंक की वित्तीय स्थिति पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सुदृढ़ नजर आ रही है।
​मुनाफे की बात करें तो बैंक के शुद्ध लाभ में 24.96% की प्रभावशाली वृद्धि हुई है, जो अब ₹63.24 करोड़ हो गया है। साथ ही बैंक की नेटवर्थ भी 26.86% बढ़कर ₹1,062.24 करोड़ पर पहुंच गई है। बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बैंक आधुनिक तकनीक और नए उत्पादों के माध्यम से ग्राहक सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक पारदर्शिता और विश्वास के साथ सतत विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना जारी रखेगा।

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