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नैनीताल  । उत्तराखंड के हजारों वर्कचार्ज (कार्यप्रभारित) कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग  के वर्कचार्ज कर्मियों की पेंशन रोकने संबंधी अपने पिछले आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। शासन द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, अब इन कर्मियों की पेंशन का भुगतान पूर्व की भांति सुचारू रूप से किया जाएगा।
 मामला 16 जनवरी 2026 को शासन द्वारा जारी उस कार्यालय ज्ञाप से जुड़ा है, जिसके जरिए वर्कचार्ज कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों पर कुछ नई शर्तें या रोक लगाई गई थीं। इस आदेश के खिलाफ कई कर्मचारी संगठनों और व्यक्तियों ने नैनीताल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सचिव वित्त, दिलीप जावलकर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, अब उस विवादित आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी गई है।
 उच्च न्यायालय ने ‘गुलाब सिंह तोमर बनाम उत्तराखंड राज्य’ व अन्य समान याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शासन के 16 जनवरी वाले आदेश पर अंतरिम रोक  लगा दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई तक शासन के उस आदेश का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। इसी न्यायिक आदेश के सम्मान में शासन ने अपनी पुरानी स्थिति बहाल करने का निर्णय लिया है।
 सचिव दिलीप जावलकर ने निदेशक, कोषागार एवं पेंशन को निर्देशित किया है कि संबंधित पेंशनभोगियों को पेंशन का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। शासन ने स्पष्ट किया है कि पेंशन रोकने वाले आदेश को स्थगित करते हुए ‘यथास्थिति’ बहाल कर दी गई है, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वित्तीय संकट का सामना न करना पड़े।
 हालांकि पेंशन बहाली से कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है, लेकिन शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था वर्तमान में चल रही विभिन्न रिट याचिकाओं और अवमानना वादों में आने वाले अंतिम न्यायिक निर्णय के अधीन होगी। फिलहाल, विभाग को आदेश दिया गया है कि वे बिना विलंब पेंशन वितरण की प्रक्रिया पूरी करें।
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