नैनीताल । ईंधन के वैश्विक संकट और राष्ट्र पर इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार, 15 मई को उच्च न्यायालय परिसर में ‘नो व्हीकल डे’ मनाने का निर्णय लिया गया है।
इस संबंध में रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी पत्र के माध्यम से सूचित किया गया है कि वर्तमान में देश जिस ईंधन संकट से गुजर रहा है, उसमें सभी नागरिकों के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालय से जुड़े सभी पक्षों से इस अभियान में योगदान देने की अपील की है।
बताया है कि यह अपील न्यायाधीशों, अधिकारियों, कर्मचारियों और बार के सभी सदस्यों के लिए प्रभावी होगी। इसके साथ ही, उच्च न्यायालय परिसर में स्थित अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से शुक्रवार को निजी या सरकारी वाहनों का उपयोग न करने का आग्रह किया गया है।
ईंधन बचाने के इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे शुक्रवार को अपने कार्यालय आने के लिए केवल साइकिल का उपयोग करें या पैदल ही आएं। न्यायालय प्रशासन का मानना है कि इस छोटे से बदलाव से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुँचेगा।
दूरी को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने उन वकीलों के लिए विशेष राहत प्रदान की है जो हल्द्वानी या भवाली जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से नैनीताल आते हैं। बार के ऐसे बाहरी सदस्यों को 15 मई को वर्चुअल मोड (ऑनलाइन) के माध्यम से अदालती कार्यवाही में शामिल होने का विकल्प दिया गया है, ताकि उन्हें आवागमन की असुविधा न हो।



