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नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ओखलकांडा के बडोन निवासी बचुली देवी की अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल को अदालत के आदेशों की अवमानना करने पर नोटिस जारी कर 10 मार्च को वर्चुअल माध्यम से कोर्ट में पेश होकर जबाव दाखिल करने के निर्देश दिये हैं । याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की एकलपीठ में हुई ।

 

मामले के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान ओखलकांडा की बडोन क्षेत्र पंचायत सीट की प्रत्याशी बचुली देवी का नामांकन रद्द कर दिया गया था । जिसके खिलाफ उन्होंने जिला न्यायाधीश/ निर्वाचन न्यायाधिकरण के समक्ष चुनाव याचिका दायर की । याचिकाकर्ता के अनुसार बडोन  क्षेत्र पंचायत सीट से  नामांकन करते समय पीठासीन अधिकारी ने उनके 29 प्रपत्र प्राप्त किये । लेकिन बाद में उनका नामांकन इस आधार पर रद्द किया गया कि उनके 27 ही प्रपत्र जमा थे । याचिकाकर्ता के अनुसार दूसरे उम्मीदवार कमलेश कैड़ा जो कि विधायक की पत्नी हैं, को लाभ पहुंचाने के लिये उनका नामांकन रद्द किया गया ।

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इस मामले में निर्वाचन न्यायाधिकरण ने जिला अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी को नामांकन से सम्बन्धी मूल रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश 18 दिसम्बर 2025 को दिए थे । जो अब तक पेेेश नहीं किये गए हैं ।  05 फरवरी 2026 को भी आदेश की पुनः पुष्टि किए जाने के बाद अनुपालन न होने पर इसे न्यायालय के आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने पर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई ।

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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जय कृष्ण पांडेय द्वारा बताया गया कि उच्च न्यायालय ने न्यायालय की अवमानना एक्ट 1971 के प्रावधानों के अंतर्गत संज्ञान लेकर जिलाधिकारी को अवमानना का नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है।

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