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ओ बी सी, आरक्षण की मांग सम्बन्धी जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई ।
नैनीताल । राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया है कि निकायों में ‘ओ बी सी’ आरक्षण के सम्बंध में सरकार 15 दिन के भीतर अध्यादेश लाएगी ।
 उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश मनोज कुमार तिवारी की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने गुरुवार को दूसरे दिन भी प्रदेश में होने वाले निकाय चुनाव में ओबीसी का आरक्षण तय करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। आज हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कहा है कि निकायों में आरक्षण तय करने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति वीएस वर्मा की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार आरक्षण तय करने के लिए नया विधयेक लाने जा रही है। जिस पर 15 दिनों के भीतर ओबीसी आरक्षण के लिए अध्यादेश जारी कर दिया जाएगा।
    आपको बता दे कि रुद्रपुर निवासी रिजवान अंसारी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि राज्य सरकार 2011 की जनगणना के अनुसार निकायों में आरक्षण निर्धारित कर रही है। जबकि 2018 के निकाय चुनाव इसी आधार पर सम्पन्न कराए गए थे। वर्तमान समय में पहाड़ के बजाय प्रदेश के मैदानी इलाकों में ओबीसी का वोट बैंक बढ़ा है। इसलिए ओबीसी समिति की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाय। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि आरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। आपत्तियों का निस्तारण हो चुका है।
  सरकार ने न्यायमूर्ति वर्मा की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ओ बी सी आरक्षण तय करने का फैसला किया है । यह रिपोर्ट हाईकोर्ट में भी पेश की गई है । जिस पर अब अध्यादेश लाया जा रहा है ।

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