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पढ़े आदेश  -:

उत्तराखण्ड के देहरादून स्थित कार्यालय मुख्य वन संरक्षक (मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक प्रबन्धन) द्वारा उपनल  के माध्यम से तैनात आउटसोर्स कार्मिकों के सम्बन्ध में एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। पत्रांक संख्या 2814/114 के तहत 11 जून 2026 को जारी इस पत्र को प्रदेश के सभी प्रमुख वन संरक्षकों, अपर प्रमुख वन संरक्षकों और मुख्य वन संरक्षकों को सेवा में भेजा गया है। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ता प्रदान करने की प्रक्रिया को सुचारू व नियमसंगत बनाना है।

 

 

​उच्च न्यायालय के आदेश के तहत 12 नवंबर 2018 बनी कट-ऑफ डेट  —

जारी आदेश के अनुसार, सैनिक कल्याण अनुभाग और शासन के विभिन्न आदेशों के क्रम में यह स्पष्ट किया गया है कि माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा जनहित याचिका संख्या 116/2018 में पारित आदेश की तिथि 12.11.2018 को ही पात्रता की ‘कट-ऑफ डेट’ माना जाएगा। इस तिथि तक निरंतर नियोजित रहे सभी पात्र उपनल कार्मिकों को न्यूनतम वेतनमान और देय महंगाई भत्ते के योग के बराबर धनराशि अनुमन्य की जाएगी। योजना के प्रथम चरण में 01 जनवरी 2016 से पूर्व निरंतर नियोजित कर्मचारियों को और उसके बाद चरणबद्ध तरीके से कट-ऑफ डेट तक के शेष कर्मियों को इसका लाभ प्रदान किया जाएगा।

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​श्रेणीवार तय हुआ अधिकतम अनुमन्य वेतन लेवल—:

 

 

आदेश में उपनल कार्मिकों के लिए श्रेणीवार अधिकतम अनुमन्य वेतन स्तर (लेवल) की एक विस्तृत तालिका भी जारी की गई है। इसके तहत अकुशल (Unskilled) श्रेणी के लिए वेतन लेवल 01, अर्द्धकुशल के लिए लेवल 02, कुशल के लिए लेवल 04, उच्च कुशल के लिए लेवल 07 तथा अधिकारी श्रेणी के लिए अधिकतम वेतन लेवल 10 निर्धारित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित पद के न्यूनतम (इन्ट्री लेवल) वेतनमान या तालिका में अंकित लेवल में से जो भी कम होगा, उसी के आधार पर न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता अनुमन्य किया जाएगा तथा इसके अलावा अन्य कोई भत्ते देय नहीं होंगे।

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​दो महीने के भीतर सूची तैयार कर सत्यापन करने के निर्देश–:

 

मुख्य वन संरक्षक (पी०के० पात्रो) के हस्ताक्षरों से जारी इस पत्र में सभी संबंधित कार्यालयों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर से पात्र उपनल कर्मियों की सूची अविलंब तैयार करें। इस सूची का अनुमोदन संबंधित विभागाध्यक्ष से प्राप्त किया जाएगा। पात्र कर्मचारियों के सत्यापन और अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) संपादन का यह पूरा कार्य शासनादेश निर्गत होने के दो माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। सभी प्रभागों को इस संबंध में तैयार किए गए अनुमन्य पत्र का अनुमोदन प्रमुख वन संरक्षक (HoFF), उत्तराखण्ड से प्राप्त करने तथा अनुबंध की एक प्रति मुख्य कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

 

आदेश -:

 

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