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नैनीताल । शासन द्वारा विद्यालयों के खुलने व बंद होने को लेकर जारी नई समय सारिणी का चौतरफा विरोध हो रहा है ।

शासन द्वारा जारी समय सारिणी के अनुपालन के क्रम में 8 अप्रैल को मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल ने समस्त विद्यालयों को इस नई समय-सारणी को लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस संबंध में माध्यमिक शिक्षक संघ, नैनीताल के अध्यक्ष शैलेंद्र चौधरी ने संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ विचार-विमर्श किया तथा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस आदेश का विरोध किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षक संघ का कहना है कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यह समय-सारणी विद्यार्थियों के हित में नहीं है। ग्रीष्म ऋतु में मैदानी क्षेत्रों में पड़ने वाली तीव्र गर्मी विद्यार्थियों के लिए कष्टदायक होगी, वहीं शीत ऋतु में पर्वतीय क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को सुबह-सुबह विद्यालय पहुँचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस दौरान उन्हें खराब मौसम, दुर्गम मार्गों और वन्य जीवों के खतरे का सामना भी करना पड़ता है।
संघ के अनुसार यह समय-सारणी न तो व्यावहारिक है और न ही छात्रहित में उपयुक्त। उन्होंने स्पष्ट किया कि माध्यमिक शिक्षक संघ, जिला नैनीताल, प्रांतीय संगठन के दिशा निर्देशन में तथा अन्य शिक्षक संगठनों के साथ मिलकर इस समय-विभाजन का पुरजोर विरोध करेगा। साथ ही मांग की गई है कि पूर्व की समय-सारणी को यथावत बहाल किया जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय को जबरन लागू किया गया, तो संगठन व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ एवं अन्य शिक्षक संगठनों ने भी इस समय-विभाजन का विरोध दर्ज कराया है।

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