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नैनीताल । केंद्रीय कानून एवं विधि राज्य मंत्री प्रो0 एस पी बघेल ने सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के एक समारोह में बताया कि वे उत्तर प्रदेश में पुलिस अफसर रहे हैं और 1987 से 1990 तक पं. नारायण दत्त तिवारी सुरक्षा अधिकारी रहे ।

प्रो0 बघेल ने कहा कि पं. तिवारी के साथ उन्हें तत्कालीन नैनीताल जिले के सम्पूर्ण तराई क्षेत्र के साथ साथ पूरा पहाड़ घूमने का अवसर मिला । उन्होंने कहा कि 1991 में पं. तिवारी के प्रधानमंत्री बनने का मौका आया था किंतु तब वे नैनीताल सीट से चुनाव हार गए । प्रो0 बघेल के अनुसार बाद में उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़ दी और वे सपा में शामिल हो गए । उन्हें 1994 में मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में उत्तराखण्ड आंदोलनकारियों के साथ हुए अत्याचार का मलाल है और वे तत्कालीन उस इलाके के डी आई जी बुआ सिंह को अब भी दोषी मानते हैं ।

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प्रो0 बघेल ने कहा कि 1998 में वह यू पी से सांसद चुने गए लेकिन उनके बॉस रहे पं. तिवारी नैनीताल सीट से इला पन्त से चुनाव हार गए  । उन्होंने रुद्रपुर व बागेश्वर जिले के गठन में अपने योगदान का जिक्र भी किया तथा कहा तब वे तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के काफी नजदीक थे और उन्होंने इन दो जिलों के गठन की घोषणा करवाई थी ।

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