नैनीताल। लखनऊ हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में उत्तराखंड की विधिक बिरादरी भी आक्रोशित हो उठी है। इस दमनकारी घटना के विरोध में आज हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, नैनीताल के सभागार में एक आपात बैठक आहूत की गई।
बैठक की अध्यक्षता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.सी.एस. रावत ने की। उपस्थित अधिवक्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतंत्र और न्याय प्रणाली के स्तंभ पर हमला करार देते हुए इसकी तीखे शब्दों में भर्त्सना की।
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर लखनऊ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि वकीलों के अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कानून हाथ में लेने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत सेवा से निलंबित करने का आग्रह किया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक का संचालन हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव सौरव अधिकारी द्वारा किया गया। विरोध सभा में बार एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से गौरव काण्डपाल, भुवनेश्वर जोशी, डी.एस. मेहता, राजेश शर्मा, विनायक पंत, कैलाश चन्द्र तिवारी, सुखवानी आदि शामिल थे। बैठक के अंत में सभी अधिवक्ताओं ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए भविष्य में भी पीड़ित अधिवक्ताओं के समर्थन में खड़े रहने का संकल्प लिया।


