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नैनीताल । उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में न्यायिक कार्यवाही को लेकर एक बड़ा आदेश जारी किया है।

हाल ही में राज्य में लगातार हो रही बादल फटने, भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं के चलते आमजन के जीवन एवं संपत्ति को भारी क्षति पहुँची है और आवाजाही भी बाधित हुई है। इस परिस्थिति को देखते हुए  मुख्य न्यायाधीश ने निर्देश दिए हैं कि नवंबर 2025 के अंत तक राज्य की सभी जिला एवं परिवार न्यायालयों में यदि पक्षकार या अधिवक्ता समय पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो उनके विरुद्ध कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाएगा।

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इस संबंध में रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता द्वारा परिपत्र  जारी कर सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा परिवार न्यायालयों के प्रधान न्यायाधीशों/न्यायाधीशों को आदेशों की सूचना दी गई है।

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निर्देश को हाईकोर्ट  की आधिकारिक वेबसाइट पर भी  उपलब्ध कराया गया है। इस आदेश से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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