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नैनीताल।  उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता के खिलाफ शुक्रवार को कई जनसंगठनों ने ‘अम्बेडकर पार्क ‘ तल्लीताल में  धरना प्रदर्शन किया। धरने की समाप्ति के बाद कुमाऊं आयुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर इस कानून को रद्द करने की मांग की गई ।
  इस धरने का संचालन मुनीष कुमार व अध्यक्षता राजीव लोचन साह ने की। सभा में सभी वकत्ताओं ने पहलगाम में हुई आतंकी घटना की निंदा की।
  वक्ताओं ने जबरन लागू किए जा रहे यू.सी.सी को तानाशाही पूर्ण रवैया बताया। कर्मचारियों को शादी रजिस्ट्रेशन न किए जाने पर वेतन रोक दिए जाने की धमकी को तुगलकी फरमान बताया गया।  कहा कि यह कानून लोगों के बीच में  सांप्रादायिक तनाव बढ़ाने के लिए लाया जा रहा है और इस एजेंडा को पूरे देश में लागू करने के लिए उत्तराखंड को प्रयोगशाला बनाया जा रहा है।
  छात्र और युवा वक्ताओं ने कहा जहां आज बेरोजगारी चरम पर है, कृषि कर्म जानवरों के कारण समाप्ति पर है इस तरह की कई जन समस्याओं को बरगलाने के लिए ही यूसीसी लाया जा रहा है।
 धरने को उपपा नेता पी सी तिवारी, प्रभात ध्यानी,भाकपा माले के प्रदेश सचिव इंद्रेश मैखुरी,रोहित रोहला, माया चिलवाल, हीरा जंगपांगी, हेमा जोशी , हर्ष काफर, शिव देव सिंह, गोपाल लोधियाल, भावना पांडे, मुकुल, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष दुर्गा मेहता, लीला बोरा, जहूर आलम, पुष्पा महिला एकता केंद्र, भावना पांडे, मुन्नी तिवारी, प्रदीप पांडे , कैलाश पांडे ( भाकपा माले ), चंदन ( प्रगतिशील छात्र संगठन ), त्रिभुवन  फर्त्याल(कांग्रेस ), हरीश पाठक, मनमोहन सिंह चिलवाल, प्रताप सिंह खाती, सुनील पर्नवाल, आसिफ, दीप पांडे, पारिजात नौडियाल, दिनेश उपाध्याय,
चम्पा उपाध्याय, प्रताप सिंह खाती, भगवती खाती , ममता बिष्ट आदि शामिल थे ।
इस दौरान वक्ताओं ने यू सी सी को तत्काल रद्द करने की मांग की । धरने के दौरान महिलाओं द्वारा जनगीत भी गए गए । धरने की समाप्ति के बाद कमिश्नरी तक जुलूस निकाला गया और अपर आयुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया ।  इससे पूर्व पहलगाम आतंकी घटना में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा।

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