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नैनीताल । उत्तराखंड हाई कोर्ट ने पर्यटक सीजन के दौरान नैनीताल में वाहनों की भीड़ से ट्रैफिक जाम होने का स्वतः संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका की बुधवार को सुनवाई के बाद कल गुरुवार को भी सुनवाई जारी रखी है।

मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खण्डपीठ ने कहा कि अगर इस समस्या को समय पर नहीं सुलझाया गया तो यहाँ के हालात भी जोशीमठ की तरह हो सकते हैं।  स्थानीय प्रशासन ने यातायात प्रबन्धन को नजरअंदाज किया है। जिसकी वजह से अव्यवस्था हुई है । हाईकोर्ट ने नैनीताल में पार्किंग कम होने के कारण यहां हैली सेवा, रोप वे व शटल सेवा का सहारा लिए जाने की जरूरत बताई है ।

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कोर्ट ने नगर पालिका से पूछा है कि माल रोड में कितने ई रिक्शा चल रहे हैं। मामले के अनुसार एक अधिवक्ता  द्वारा मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर शहर में  ट्रैफिक जाम होने से हो रही परेशानी से अवगत कराया था । पत्र में कहा गया कि नैनीताल में खासकर सीजन के दौरान ट्रैफिक जाम की बहुत बड़ी समस्या है। सीजन के दौरान हजारों पर्यटक अपने वाहनों और टैक्सी से यहां आते हैं, जो जाम का मुख्य कारण हैं।  उच्च न्यायालय की तरफ से समय समय पर जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन को ट्रैफिक सुधारने के लिए निर्देश जारी हुए हैं परन्तु समस्या का हल आज तक नही निकला। यातायात पुलिस ट्रैफिक को आसानी से चलाने में नाकाम साबित हुई है जिससे स्कूली बच्चों, कार्यालय कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को समय पर पहुँचने में काफी परेशानी हो रही है। पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण होटल व्यवसायी भी पर्यटकों की गाड़ियों को सड़क पर ही खडी करवा रहे हैं। ऐसे में कई बार एम्बुलेंस समेत मरीजों को ले जा रही निजी गाड़ियां ट्रैफिक जाम का शिकार हुई हैं। कालाढूंगी, भवाली और हल्द्वानी से आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग नहीं हो रही है। जिससे जाम के हालात पैदा होते हैं और पुलिस खुद मूकदर्शक बनी रहती है । इंडिया होटल के पास जू शटल सेवा लगी रहती है जिसकी वजह से और जाम लग जाता है। उसे भी आगे शिफ्ट किया जाय।

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