देहरादून । आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रेनू नेगी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ एवं महामंत्री आशा फैसिलिटेटर एवं कार्यकर्ता संगठन उत्तराखण्ड व आशा कार्यकत्री संगठन की प्रदेश महामंत्री ललितेस विश्वकर्मा के नेतृत्व में परेड ग्राउंड से सचिवालय देहरादून तक विशाल रैली निकली और राज्य व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

रैली में आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों की विभिन्न समस्याओं को उठाया गया । साथ ही मौके पर उपस्थित अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया। उनकी प्रमुख मांगों में मोबिलिटी 20 दिन के स्थान पर 30 दिन करने, आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों को पल्स पोलियों ड्यूटी का 100/- प्रतिदिन से बढ़ाकर रू० 600/- प्रतिदिन करने, पी०एल०ए० एवं वी०एच०एस०एन०सी० बैठक का मानदेय 100/- रुपया प्रति बैठक के स्थान पर 800 रुपया करने, आशाओं का प्रतिमाह न्यूनतम मानदेय 18000 करने, आशा फैसिलिटेटरों का न्यूनतम मादेय 24000 करने, आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों प्रोत्साहन धनराशि को अतिशीघ्र संशोधित करते हुए बढ़ोत्तरी आदि सम्मिलित रहा।
महारैली में उत्तरकाशी से सरिता रावत, जिला महामंत्री, हरिद्वार से मोनिका, जिला अध्यक्ष, चम्पावत से अनीता बोरा, जानकी गहतोड़ी, नैनीताल से कोषाध्यक्ष मीना मिश्रा, पिथौरागढ़ से दीपा तिवारी जिला संरक्षक, ललिता बोरा अध्यक्ष, जनपद टिहरी से किरन बिष्ट जिलाध्यक्ष, मुन्नी उनियाल जिलामंत्री, देहरादून से लक्ष्मी शर्मा जिलाध्यक्ष, जनपद रुद्रप्रयाग से सुशीला सेमवाल, आशा पुरोहित, आशा कार्यकत्री सरिता राना, विजय लक्ष्मी पुण्डीर, कौशल्या, गंगा गुप्ता, आशा सेमवाल, लता तथा भारतीय मंजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री सुमित सिंघल, प्रदेश अध्यक्ष उमेश जोशी आदि उपस्थिति रहे।


