नैनीताल। तल्लीताल थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक छात्रा को नशीला पदार्थ खिलाकर या झांसे में लेकर बनाई गई उसकी निजी वीडियो को वायरल करने, ब्लैकमेल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर तीन युवकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि उसे 24 घंटे के भीतर न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह कर लेगी।
प्राथमिकी के अनुसार, कॉलेज की एक छात्रा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि जनवरी 2026 में छात्र संघ चुनाव के दौरान आरोपी आयुष कुमार ने अपने साथियों भावेश नेगी और प्रशांत जोशी के साथ मिलकर उससे संपर्क किया। आरोपियों ने उसे एक अन्य छात्र नेता नरेश पांडे के खिलाफ मोहरा बनाने की साजिश रची। आयुष के कहने पर छात्रा एक होटल के कमरे में गई, जहां योजनाबद्ध तरीके से उसकी निजी वीडियो रिकॉर्ड कर ली गई। बाद में छात्रा और नरेश पांडे के बीच के मतभेद सुलझ गए।
घटनाक्रम: छात्र संघ चुनाव के दौरान विरोधी गुट को फंसाने के लिए रची गई थी घिनौनी साजिश।
ब्लैकमेलिंग: आपसी मतभेद सुलझने के बाद आरोपियों ने छात्रा पर डाला था दबाव।
अल्टीमेटम: पीड़िता ने दी 24 घंटे में न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने की सख्त चेतावनी। (हालांकि यह तहरीर 9 मई को दी गई थी)
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी आयुष कुमार ने उसके फोन से चोरी-छिपे और बिना सहमति के स्नैपचैट (Snapchat) से कुछ निजी वीडियो निकाल लिए। इसके बाद आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर मानसिक दबाव बनाया और जबरन नरेश पांडे के खिलाफ एक झूठी प्राथमिकी दर्ज करवा दी। हालांकि, बाद में सच्चाई सामने आने पर पीड़िता ने वह शिकायत वापस ले ली थी।
आरोपियों ने खुन्नस में आकर पीड़िता की निजी वीडियो को कॉलेज, शहर और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया। लगातार मिल रही धमकियों और सामाजिक बदनामी के कारण पीड़िता गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई है। पीड़िता ने पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग, चैट और कार के विवरण सहित कई पुख्ता सबूत सौंपे हैं।
तल्लीताल थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर आयुष कुमार, भावेश नेगी और पम्मू के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं में मामला पंजीकृत कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक बबिता को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।


