नैनीताल । उत्तराखंड में प्रायोगिक विज्ञान की प्रयास यात्रा अभियान के तहत शनिवार को भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय नैनीताल के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आईआईटी कानपुर के पूर्व प्रो.पद्मश्री एचसी वर्मा ने कहा कि इस पृथ्वी को तकनीक के माध्यम से प्रदूषण रहित करना है। पृथ्वी में रहने के लिए स्वच्छ और सुंदर बनाना आवश्यक है । उन्होंने विद्यालय के 1000 से अधिक बच्चों को एक साथ संबोधित किया । साथ ही विभिन्न विद्यालयों के भौतिकी के शिक्षकों से संवाद किया ।
भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय नैनीताल के आचार्य नरेंद्र देव हाल में दर्जनों विज्ञान शिक्षकों को न्यूनतम मूल्य की सामग्री से भौतिक विज्ञान के मूल सिद्धांतों को समझाने के लिए छोटे-छोटे क्रियाकलापों और सस्ती विज्ञान सामग्री का उपयोग किया गया। पूरे दिन चले हुए इस अभियान में भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय,
मोहनलाल साह बाल विद्या मंदिर,
मोहनलाल साह बालिका विद्या मंदिर,
ऑल सेंट कॉलेज ,बीएलएम अकैडमी हल्द्वानी,
पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार,
राष्ट्रीय शहीद सैनिक विद्यालय,
केंद्रीय विद्यालय हल्द्वानी,
सेंट जोसेफ कॉलेज नैनीताल, भौतिक विज्ञान विभाग डीएसबी परिसर के दर्जन भर शोधार्थियों ने प्रायोगिक विज्ञान के गुर सीखे।
एरीज के वैज्ञानिक डॉ.नरेंद्र सिंह बिष्ट ने जलवायु में हो रहे परिवर्तन को विस्तार से समझाया और भविष्य के खतरों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि मौसम विज्ञान का अध्ययन करना अति आवश्यक है ।
कार्यशाला को इस अभियान के कुमाऊं संयोजक भवानी शंकर कांडपाल एवं नवनीत जोशी ने भी संबोधित किया।
कार्यशाला में प्रधानाचार्य भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के बिशन सिंह मेहता, सोपान आश्रम आईआईटी कानपुर के अनुभव अवस्थी,
विनोद कुमार जोशी, विद्यालय के उप प्रधानाचार्य प्रवीण सती, डॉ रेनू बिष्ट, डॉ नीलम जोशी,
उत्कर्ष बोरा, अवंतिका गुप्ता ,गीतिका नेगी,शाहनवाज, आलोक साह,गोविंद सिंह बोरा
दरपान सिंह,नेहा आर्या,दिव्या ढैला,दिव्या पांडे
लता पाठक आदि उपस्थित रहे ।


