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नैनीताल। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, नैनीताल के सभागार में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सेवानिवृत्त मेजर जनरल स्वर्गीय भुवन चन्द्र खण्डूरी के आकस्मिक निधन पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया।

 

 

शोक सभा में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने स्वर्गीय खण्डूरी के देश और राज्य के प्रति दिए गए अद्वितीय योगदान को याद करते हुए उनके निधन को उत्तराखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।

 


​शोक सभा को संबोधित करते हुए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.सी.एस. रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में स्वर्गीय भुवन चन्द्र खण्डूरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके प्रयासों के फलस्वरूप ही आज हम उत्तराखंड राज्य की सबसे बड़ी न्यायिक संस्था में कार्य कर रहे हैं। वहीं, महासचिव  सौरव अधिकारी ने उनके व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वे सरल व्यवहार, स्वच्छ छवि, सुशासन, पारदर्शिता, अनुशासन और ईमानदार राजनीति के प्रतीक थे। पूर्व सांसद व वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. एम.एस. पाल ने उन्हें एक व्यवहारिक, गंभीर और कुशल निर्णय लेने वाला राजनेता बताया।

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​इस दौरान बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के सदस्य  चन्द्र शेखर जोशी ने स्वर्गीय खण्डूरी के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में ही राज्य में ऐतिहासिक लोकायुक्त विधेयक पारित किया गया था, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है। इस शोक सभा में उपाध्यक्ष  गौरव काण्डपाल,  भुवनेश्वर जोशी,  विश्व प्रकाश बहुगुणा,  विश्वस्त काण्डपाल, प्रभा नैथानी,  पंकज सेमवाल,  संजय भट्ट,  पूरन सिंह रावत,  गौरव पंवार,  केतन जोशी,  अविदित नौरियाल, राजेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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