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नैनीताल। नैनीताल शहर व आसपास के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार के नाम पर दिए जाने वाले अण्डे सड़े और कीड़े लगे हुए प्राप्त हुए हैं।
नैनीताल के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 71 केंद्रों के लिए आए अण्डों को खिलाने से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने इन्हें नन्हें बच्चों और गर्भवती महिलाओं को देने से इनकार कर दिया है।
नैनीताल में मल्लीताल के प्राइमरी स्कूल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बाल विकास परियोजना के अंतर्गत बंटने के लिए आज सरकार की तरफ से पौष्टिक आहार के रूप में अण्डे और खजूर पहुंचे थे।

केंद्र की कार्यकत्री बहनों ने जब अण्डों को विभिन्न केंद्रों में बांटने के लिए क्रेट खोली तो अंडों में से कीड़े और अण्डे सड़े निकले। बहिनों ने सारे केंद्रों के अण्डों को बारीकी से देखा तो लगभग सभी क्रेटों में कुछ न कुछ गड़बड़ियां निकली।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने इसकी शिकायत ऊपरी अधिकारियों से की तो उनका कहना था कि इसमें से एक एक कर सही वाले अण्डों को छांटकर इस्तेमाल कर लो। बहिनों ने नाराजगी जताते हुए मीडिया से कहा कि बहुत बुरी तरह से सड़े अंडों से बच्चे और गर्भवती महिलाएं बीमार हो सकती हैं, साथ ही आजकल गर्मियों के दौरान अण्डे देने ही नहीं चाहिए।

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आंगनबाड़ी के लिए वर्षभर में कभी दलिया, मूंग की दाल, खजूर, गेहूं, चावल, अण्डे आदि दिए जाते हैं। उन्होंने अण्डों में कीड़े और चींटियों की शिकायत करते हुए कहा कि पहले चंद अण्डे खराब आते थे लेकिन इस बार तो पूरी क्रेट ही खराब आई है।
उन्होंने बताया कि आज सवेरे आंगनबाड़ी केंद्र से आए फोन पर कहा गया कि आज केंद्र से ही अण्डे उठाए जाएं। उन्होंने केंद्र में पहुंचकर जब देखा तो सारे अण्डे ही खराब दिखे।

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नैनीताल के एसडीएम.राहुल साह का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में जांच की जाएगी और बाल विकास परियोजना अधिकारी से रिपोर्ट ली जा रही है।
इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री श्रीमती गीता आर्या, हेमा जोशी, अनीता, मंजू आर्या, गीता आर्या, पूर्णिमा, तुलसी, नाजिया, रीना साह‌, आरती नैना साह, आदि मौजूद थे।

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