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नैनीताल । जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल प्रशांत जोशी की अदालत ने मंगोली स्थित चर्चित चशेड़ी रेस्टोरेंट को सील करने के परगनाधिकारी नैनीताल के 20 जनवरी के आदेश पर रोक लगा दी है । कोर्ट ने प्रशासन को नोटिस जारी कर जबाव दाखिल करने को कहा है । इस मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी ।
  ज्ञात हो कि मंगोली में सरकारी भूमि पर बना चशेड़ी रेस्टोरेंट को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था । इसका संचालन वर्तमान में उमा देवी कर रही थी । जो कई कारणों से विवाद में था । जिसे बन्द करने की मांग को लेकर मंगोली सहित आसपास के ग्रामीणों ने दिसम्बर माह में मंगोली में प्रदर्शन भी किया था ।
  जिसके बाद रेस्टोरेंट संचालक उमा देवी की तहरीर पर ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद यह विरोध प्रदर्शन और उग्र हुआ था।
 मामले की जांच की मांग के बाद तहसीलदार नैनीताल अक्षय भट्ट ने जांच की तो रेस्टोरेंट सरकारी भूमि पर होने की पुष्टि हुई। मामला एसडीएम कोर्ट में चलने के बाद परगनाधिकारी की कोर्ट ने संपत्ति को सील करने के आदेश जारी किये थे। जिसे उमा देवी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चुनौती दी थी । उनके अधिवक्ता द्वारा तर्क किया गया कि परगना अधिकारी का यह अन्तिम आदेश है, जो विधि सम्मत नहीं है और उक्त आदेश को पारित किये जाने से पूर्व विधि सम्मत प्रकिया का अनुपालन भी नहीं किया गया। उन्होंने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश मुन्ना सिंह उर्फ शिव सिंह व अन्य बनाम राज्य उत्तर प्रदेश, जो 11 अक्टूबर 2011 को भी कोर्ट के समक्ष पेश किया गया है। जिसके बाद जिला जज की अदालत ने परगनाधिकारी के आदेश पर रोक लगा दी ।

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