लोकगायक दीवान कनवाल के निधन पर कई संगठनों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है । दीवान कनवाल ने बुधवार को अपने अल्मोड़ा खत्याड़ी स्थित घर में अंतिम सांस ली। बताया गया है कि वे कुछ दिन पूर्व ही हल्द्वानी अस्पताल से उपचार कराकर घर लौटे थे।
मालूम हो कि हाल ही में उनका एक गाया लोकगीत “दुई दीना का ड्यार शेरुवा य दूणी में, ना त्यार ना म्यार शेरुवा य दूणी में” सुपरहिट हुआ था। यह गीत शेर सिंह बिष्ट अनपढ़ ने लिखा है ।
उनका गाय गीत आकाशवाणी से भी प्रसारित होते थे । जिनमें ‘ओ नंदा सुनंदा तू दैणी है जाए’ मुख्य था । उसके बाद वीसीडी का जमाना आया तो ‘आज कुछि मैत जा’ और ‘के लेखूं अपणा हिया का हाल’ जैसे गाने काफी लोकप्रिय रहे। बलि वेदना फिल्म में गाया गया उनका गीत ‘हिमाले सुकीली काया’ भी लोगों की जुबां पर छाया रहा।
इसके साथ ही अल्मोड़ा आकाशवाणी में उनकी कई गीतों की रिकॉर्डिंग हैं और अक्सर प्रसारित होती रहती हैं।
नैनीताल के रंगकर्मियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है ।


