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नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट ने खटीमा के निलंबित क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष रंजीत सिंह के मामले पर सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद वरिष्ठ न्यायमुर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ ने उन्हें कोई राहत नही दी है।

रंजीत सिंह की ओर से सरकार के निलंबन आदेस को चुनोती दी गयी है। जिसमे उनके द्वारा कहा गया है कि उनके खिलाफ लगाये गये आरोप निराधार हैं।
सरकार की ओर से महाधिवक्ता एस एन बाबुलकर व मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने अदालत को बताया कि इनके ऊपर गम्भीर आरोप है । इन आरोपों की जांच में पुष्टि हुई है। पंचायती राज अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत निलंबन की कार्यवाही की गयी है। इन पर आरोप है कि प्रमुख द्वारा वित्तीय अनियमितताएं की गई है और इनके पिता को भी विकास कार्य आवंटित किये गए हैं।
अदालत ने याचिकाकर्ता की निलंबन आदेश पर स्थगनादेश जारी नहीं करते हुए सरकार से तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने सरकार को यह भी निर्देश दिए है कि जांच रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही नहीं करे।
मामले के अनुसार शासन ने खटीमा निवासी चंद्रशेखर मुंडिया की शिकायत पर पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्यवाही करते हुए शासन ने श्री सिंह को 10 अगस्त को निलंबित कर दिया था। शिकायत में कहा गया था कि इनके द्वारा वित्तीय अनियमितताएं की गई और कई विकास कार्य अपने पिता को भी आवंटित कर दिए गए। इसलिए इस मामले की जाँच की जाय।

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