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उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने जाने माने साहित्यकार, कहानीकार शेखर जोशी (90) के निधन पर उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे उत्तराखंड की साहित्य जगत की अपूर्णीय क्षति बताया है।
उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने यहां कहा कि शेखर जोशी जी मजदूरों, कारखानों के जीवन पर लिखने वाले अपने समय के प्रतिनिधि साहित्यकार थे।
उनकी कोसी का घटवार, दाज्यू, बदबू, उस्ताद जैसी रचनाएं काफी प्रसिद्ध हुई थी।
10 सितंबर 1932 में गणानाथ के पास ओलिया गांव में जन्मे शेखर जोशी जी की 7- 8 वर्ष की आयु में मां की मृत्यु होने पर मामा के साथ राजस्थान जाना पड़ा था शेखर जोशी जी के बड़े पुत्र पृतुल जोशी जो  आकाशवाणी अल्मोड़ा से सेवानिवृत हुए हैं वर्तमान में वे अपने छोटे पुत्र संजय जोशी फिल्मकार के साथ गाजियाबाद में रह रहे थे उनकी एक बेटी कृष्णा पुणे में रहती है।

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