खबर शेयर करें 👉

नैनीताल । हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने पर सी बी एस ई के रीजनल अधिकारी देहरादून को 20 फरवरी हाईकोर्ट में तलब किया गया है ।
ममलेके अनुसार दि ल्यूसेंट इंटरनेशनल स्कूल, प्रेम नगर देहरादून के 86 छात्रों ने न्यायालय के समक्ष याचिका दायर कर सी.बी.एस.ई. 12वीं की बोर्ड परीक्षा सत्र 2022-23 में पंजीकरण एवं उपस्थित होने की अनुमति हेतु निर्देश जारी करने की प्रार्थना की थी। 22 दिसम्बर 2022 को उच्च न्यायालय ने सी.बी.एस.ई. से याचिकाकर्ता छात्रों को अंतरिम छात्र पंजीकरण संख्या जारी करने और उन्हें प्रेक्टिकल परीक्षा व बोर्ड परीक्षा, 2022-23 की अनुमति देने के आदेश दिए थे ।
याचिकाकर्ताओं के वकील डॉ. कार्तिकेय हरि गुप्ता ने बताया कि ल्यूसेंट इंटरनेशनल स्कूल, देहरादून ने ट्रांसफर केस के रूप में सीधे बारहवीं कक्षा में 86 छात्रों को प्रवेश दिया। सभी छात्रों ने अपने वैध टी.सी. प्रवेश के समय अगस्त, 2022 के महीने में स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा की मार्कशीट के साथ जमा किये और स्कूल ने प्रवेश और सी.बी.एस.ई. पंजीकरण शुल्क भी जमा किया। उन्होंने आगे बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद, क्षेत्रीय अधिकारी, सी.बी.एस.ई. देहरादून ने इसका पालन नहीं किया। न्यायालय को सूचित किया है कि न्यायालय के आदेश का जानबूझकर पालन न करने के कारण, छात्र अपनी प्रेक्टिकल परीक्षा नहीं दे सके और बोर्ड की परीक्षा 20 फरवरी 2023 से होने के कारण उन्हें बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

ALSO READ:  रामगढ़ विकासखंड के ग्राम हली (शेरा) में तीन वर्ष पूर्व आई आपदा के बाद आपदा राहत में निर्माणाधीन नाले का निर्माण आधे में ही छोड़ा गया, भाजपा नेता हेम आर्य के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन,

याचिका की सुनवाई करते हुए वरिष्ठ न्यायधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ ने क्षेत्रीय अधिकारी, सी.बी.एस.ई. देहरादून को 22 फरवरी 2023 को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर न्यायालय के आदेश का अनुपालन न करने पर स्पष्टीकरण देने को कहा है । कोर्ट ने कहा है कि जानबूझकर न्यायालय के आदेश का पालन न करने की स्थिति में उन्हें अदालत की अवमानना ​​के आरोप का सामना करना होगा।

ALSO READ:  उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सात अधिवक्ताओं को किया वरिष्ठ अधिवक्ता नामित,

 

यह था मामला–: इन छात्रों से स्कूल ने 54000 रुपये फीस तो ली लेकिन न तो सीबीएसई में पंजीकरण शुल्क जमा किया है और न ही उनके प्रवेश के लिये सीबीएसई से उचित अनुमति ली है। छात्रों ने इस मामले की शिकायत उत्तराखंड के बाल संरक्षण आयोग से की। आयोग ने इस मामले की जांच करायी तो पता चला कि स्कूल सीबीएसई नियमों का उल्लंघन कर प्रवेश दिया है। इस धोखाधड़ी के लिये स्कूल के मालिक व प्रधानाचार्य भूपेश कुमार व अमन कुमार के खिलाफ प्रेमनगर थाना में 16 दिसंबर को 420 का मुकदमा दर्ज किया गया।

You cannot copy content of this page