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नैनीताल । राज्य सरकार ने रजिस्ट्री शुल्क में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। करीब दस साल बाद रजिस्ट्री शुल्क में किया गया यह संशोधन प्रदेश में राजस्व बढ़ाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

महानिबंधक के अनुसार अब उत्तराखंड में जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री पर पहले लगने वाले 25 हज़ार रुपये के स्थायी शुल्क की जगह 50 हज़ार रुपये वसूले जाएंगे। रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाकर प्रदेश के आर्थिक संसाधनों को मजबूत करने का उद्देश्य बताया गया है।

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जानकारी के मुताबिक, पिछले दस वर्षों में रजिस्ट्री शुल्क में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया था, जबकि प्रदेश में संपत्तियों की कीमतें और लेन-देन दोनों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में राजस्व बढ़ाने के लिए शुल्क वृद्धि को आवश्यक माना गया।

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नए आदेश के लागू होने के बाद अब छोटी-बड़ी सभी तरह की रजिस्ट्री पर फीस दोगुनी हो जाएगी। इस फैसले से सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है, हालांकि आम जनता पर इसका सीधा आर्थिक प्रभाव भी पड़ेगा।

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