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हल्द्वानी । अखिल भारतीय महिला परिषद  नैनीताल द्वारा जिला उप कारागार हीरानगर, हल्द्वानी में महिला कैदियों के लिए आयोजित छह  छह माह के सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का  समापन हुआ।
    दिसंबर 2025 से शुरू हुए इस विशेष स्वरोजगार अभियान के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद न्यायाधीश प्रशांत जोशी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी 30 महिला बंदियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान प्रमाण पत्र पाकर महिला कैदियों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने जेल में रहते हुए हुनर सीखने के अपने अनुभवों को साझा किया।
​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिला जज प्रशांत जोशी ने ऑल इंडिया वूमेंस कॉन्फ्रेंस नैनीताल के इस प्रयास की से सराहना की। उन्होंने कहा कि जेल में बंद महिला कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए संस्था की यह पहल बेहद सराहनीय है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है, जिससे भविष्य में वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जी सकेंगी। उन्होंने रेखांकित किया कि इस तरह की मुहिम से समाज के उपेक्षित तबके को नई दिशा मिलेगी और स्वयंसेवी संस्थाओं के ऐसे रचनात्मक कार्यों से उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
​इस अवसर पर ऑल इंडिया विमेंस कॉन्फ्रेंस की स्टैंडिंग कमेटी सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मंजू कोटलिया ने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिषद समय-समय पर बच्चों और महिलाओं के उत्थान व जागरूकता के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही संस्था की अध्यक्ष मुन्नी तिवारी ने बताया कि इस कार्यशाला के लिए विशेष रूप से सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई थीं, ताकि महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को धरातल पर उतारा जा सके। उन्होंने संकल्प दोहराया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।
​पूर्व सचिव एवं प्रधानाचार्य तारा बोरा के कुशल संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में दर्जा राज्य मंत्री शांति मेहरा उपस्थित रहीं। इनके अलावा परिषद की उपसचिव गीता पांडे, उपाध्यक्ष दया बिष्ट, मीनू बुढ़लाकोटी, रेखा पंत, सावित्री सनवाल, बिमला साँगुड़ी, नीरजा बोरा, ट्रेनर (प्रशिक्षक) तारा टकवाल सहित नीलम धामी, रूबीना, मीनाक्षी, नेहा, तनीषा, शरीफा, आसमा, दीपा, मुस्कान, लक्ष्मी और जेल के समस्त प्रशिक्षु मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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