नैनीताल । नैनीताल जिले के नैनीताल-किलबरी-पंगूट मोटर मार्ग में शुक्रवार को वन्य जीव तस्कर की गिरफ्तारी की गयी। इस दौरान उससे दो लैपर्ड की खालें व भारी मात्रा में गुलदार की हड्डिया बरामद की गयी जिसकी करीब 6 माह पुरानी होने की संभावना बतायी जा रही है।
बता दें नैनीताल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार व श्रीमती ममता चन्द (उप प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल वन प्रभाग) के निर्देशों के क्रम में वन क्षेत्राधिकारी नगरपालिका रेंज ललित मोहन कार्की तथा वन क्षेत्राधिकारी प्राणी उद्यान नैनीताल आनन्द लाल आर्या एवं उत्तराखंड एसटीएफ के द्वारा यह बड़ी कार्यवाही की गयी जिसमें नैनीताल से किलबरी-पंगूट मोटर रोड़ में २ लेपर्ड की खाल व भारी मात्रा में गुलदार की हड्डियों के साथ एक वन्यजीव तस्कर गिरफतार किया गया। दूसरी ओर अब वन प्रभाग व एसटीएफ की टीमें वन तस्कर से विस्तृत पूछताछ कर रही हैं जिसमें कई और लोगों के भी अपराध में शामिल होने की आशंका बतायी जा रही है।
उत्तराखंड राज्य में वन्यजीव अंगों की अवैध तस्करी में लिप्त तस्करों की अवैध गतिविधियों की रोकथाम व धरपकड़ हेतु वन विभाग व एसटीएफ द्वारा निरन्तर संयुक्त टीम द्वारा एक ज्वांइट ऑप्रेशन में शुक्रवार को नगरपालिका रेंज व नैना रेंज द्वारा नैनीताल किलबरी पंगूट मोटर रोड़ से एक वन्यजीव तस्कर महेश सिंह कपकोटी (29)पुत्र स्वर्गीय0 जसवंत सिंह निवासी कपकोट थाना कपकोट (जिला बागेश्वर) को 2 लेपर्ड की खाल व हड्डियों के साथ गिरफतार किया गया है। गिरफतार तस्कर लंबे समय से वन्यजीव अंगो की तस्करी में लिप्त था ।
ललित मोहन कार्की वन क्षेत्राधिकारी नगरपालिका/नैना एवं आनंद लाल आर्या वन क्षेत्राधिकार प्राणी उद्यान द्वारा एसटीएफ को साथ लेकर वन्यजीव तस्करों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही की गयी जिसमें 2 लेपर्ड स्किन व हड्डियों के साथ एक शातिर वन्यजीव तस्कर को गिरफतार किया गया है। वन्यजीव तस्करों का लंबे समय से जनपद बागेश्वर क्षेत्र से वन्यजीव अंगो की तस्करी करने का इनपुट वन विभाग के पास आया था जिसपर वन विभाग की एक टीम को गोपनीय रुप से इस पर कार्यवाही करने हेतु लगाया गया था, कल जब ये तस्कर खालों को किसी बाहर की पार्टी को बेचने के लिए नैनीताल पहुँचा तो टीम द्वारा कार्यवाही कर गिरफतार कर लिया गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अभी आगे डिटेल इण्टेरोगेशन के बाद स्पष्ट हो पायेगा कि पोचिंग कब कहाँ किस जंगल में किस तरह की गयी है तथा लेपर्ड जिसे वन्यजीव जन्तु संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में रखा गया है इसका शिकार करना एक गंभीर अपराध है।पकड़े गये तस्कर के विरुद्ध नैनीताल की नगरपालिका फ ॉरेस्ट रेंज में वन्यजीव अधिनियम 1972 (वाइल्ड लाइफ एकट) के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
बता दें गिरफतार करने वाली टीम मेंललित मोहन कार्की (वन क्षेत्राधिकारी नैना/नगरपालिका),आनंद लाल आर्या (वन क्षेत्राधिकारी प्राणी उद्यान), विमला नगरकोटी (वन दरोगा नगरपालिका रेंज), कुमार सौरभ (वन दरोगा नैना),राजेन्द्र कुमार वर्मा (वन आरक्षी),गोविन्द सिंह (वन आरक्षी) तथा नैना रेंज व नगरपालिका रेंज टीम शामिल रही जबकि उत्तराखण्ड एसटीएफ टीम में निरीक्षक एम0पी0 सिंह, उ0नि0 बृजभूषण गुरुरानी तथा प्रकाश भगत, मुखय आरक्षी गोविंद सिंह बिष्ट, जगपाल सिंह, रियाज अखतर तथा आरक्षी मोहित वर्मा शामिल रहे।


