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शिक्षक पर लगे थे गम्भीर आरोप ।

 

नैनीताल । अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल नेहा कुशवाहा की अदालत ने ओखलकांडा ब्लॉक स्थित एक इंटर कॉलेज के रसायन प्रवक्ता को अपनी सहकर्मी महिला के साथ बलपूर्वक छेड़छाड़ करने के जुर्म में दो साल के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है ।

   अभियोजन पक्ष के अनुसार 20 मार्च 2020 को ओखलकांडा के एक इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी के बाद रसायन विभाग के प्रवक्ता रिजवान अहमद अपनी बाइक से हल्द्वानी जा रहे थे । रिजवान के विद्यालय की ही एक महिला प्रवक्ता जो परीक्षा ड्यूटी के बाद अपने घर हल्द्वानी जाती थी,ने रिजवान से सहकर्मी होने के नाते ‘लिफ्ट’ मांगी । लेकिन रास्ते मे रिजवान ने अपनी सहकर्मी महिला के साथ अश्लील व्यवहार किया और जबरदस्ती की । जिससे डरी महिला किसी अन्य माध्यम से हल्द्वानी पहुंची । घटना के समय कोरोना काल शुरू होने के कारण उनकी प्राथमिकी 6 जून 2020 में मुक्तेश्वर थाने में दर्ज हुई ।
  इस मामले में आरोपी शिक्षक ने स्वयं को निर्दोष बताया तथा महिला पर भी आरोप लगाए । किन्तु कोर्ट ने शिक्षक द्वारा किये गए इस कृत्य को अपराध की श्रेणी में माना ।
 कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि  “अभियुक्त का आचारण एक शिक्षक होने के नाते समाज के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए था, परन्तु अभियुक्त का आचरण समाज के विरूद्ध अत्यन्त गैर जिम्मेदाराना पाया गया है।
यह न्यायालय इस तथ्य को नजर अंदाज नहीं कर सकता की अभियुक्त के अधीन बालिकायें बतौर छात्रायें भी पढ़ती होंगी।
यह न्यायालय इस तथ्य को भी नजर अंदाज नहीं कर सकता है कि घटना मार्च, 2020 को घटित हुई थी, परन्तु उसकी दहशत पीडिता पर इस प्रकार छायी है कि वह अपनी गर्भावस्था में भी इस न्यायालय के समक्ष आरोपों के समर्थन में बयान देने आयी।”
  कोर्ट ने दोषसिद्ध रिजवान अहमद को धारा-354 ए(1) (i) भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के आरोप में दो वर्ष के कठोर कारावास एवं मु. 10,000/-रू. (दस हजार रूपये) के अर्थदण्ड से दण्डित किया जाता है। जबकि आरोपी को आई पी सी, की धारा 323 के अपराध से दोषमुक्त किया है ।
अर्थदण्ड अदा न करने पर दोषसिद्ध को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। दोषसिद्ध द्वारा प्रस्तुत मामले में जेल में बिताई गई अवधि दण्डादेश की अवधि में समायोजित की जायेगी।

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