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नैनीताल ।  नैनीताल वन प्रभाग के तत्वाधान में मंगलवार से शुरू हुआ बन्दर पकड़ो अभियान पहले दिन निराशाजनक रहा । आज पूरे दिन की मेहनत के बाद केवल चार ही बन्दर पकड़े है सके ।

नैनीताल के कई क्षेत्रों में बंदर आतंक का
पर्याय बन चुके हैं,कटखने बंदरों के आतंक से स्थानीय लोगों के साथ ही
नैनीताल भ्रमण पर आने वाले पर्यटक भी खासे परेशान रहते हैं। नगर में जिस
तरह से आवारा कुत्तों का आतंक है ठीक उसी तर्ज पर बंदरों व लंगूरों के
आतंक से जनता काफी परेशान रहती है। मंगलवार को वन विभाग ने अपने अभियान
की शुरुआत रैम्जे चिकित्सालय परिसर क्षेत्र से
की काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई भी बंदर पिजरें में नहीं फंसा,उसके
बाद टीम बिड़ला चुंगी,सात नंबर क्षेत्रों में गयी वहां भी कोई कामयाबी
नहीं मिली। शाम को फिर रैम्जे चिकित्सालय परिसर के आस पास में
पिंजरा लगाया गया । काफी मशक्कत के बाद चार बंदर पिंजरे में कैद हुए। बाद
में उन्हें नसबंदी के लिए रैस्क्यू सेंटर रानीबाग भेज दिया गया। वन विभाग
की टीम में वन दरोगा संतोष जोशी समेत निमिष दानू, नंदन, नानू तथा रजत
कुमार समेत रैस्क्यू सेंटर  रानीबाग के कर्मी मौजूद रहे।

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