नैनीताल । उत्तराखण्ड के किंग कोबरा पर आधारित वन्यजीव डॉक्यूमेंट्री फिल्म “द डिवाइन मदर” ने सफलता का एक और बड़ा मुकाम हासिल किया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी में 3 से 5 जुलाई तक आयोजित ‘देवभूमि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया है। इस महोत्सव में देशभर से आईं तमाम प्रविष्टियों में से केवल 25 फिल्मों को प्रदर्शन के लिए चुना गया था, जिनमें से ‘द डिवाइन मदर’ को जूरी ने सर्वश्रेष्ठ घोषित किया।
पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात वन्यजीव फोटोग्राफर अनूप साह और वन्यजीव संरक्षण प्रेमी पार्थ शर्मा द्वारा निर्मित इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन मशहूर फिल्मकार अजय सूरी ने किया है। इस फिल्म को बनाने में टीम को करीब 18 महीने का लंबा समय लगा, जिसके लिए कुमाऊँ और गढ़वाल के बेहद दुर्गम जंगलों में शूटिंग की गई। यह डॉक्यूमेंट्री किंग कोबरा के रहस्यमयी जीवन, उसके अनूठे व्यवहार और हिमालयी इकोसिस्टम में उसके योगदान को बेहद प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर उतारती है।
फिल्म का नाम “द डिवाइन मदर” रखने के पीछे एक बेहद खास वजह है। दरअसल, किंग कोबरा दुनिया की उन दुर्लभ सर्प प्रजातियों में शामिल है जो न सिर्फ अपना घोंसला बनाती है, बल्कि मादा किंग कोबरा अपने अंडों की रक्षा के लिए अद्भुत मातृत्व और समर्पण भाव दिखाती है। फिल्म इसी अनोखे पहलू के जरिए प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण का एक बेहद जरूरी संदेश दर्शकों तक पहुँचाती है।
फिल्म की शानदार सिनेमैटोग्राफी और रिसर्च की दर्शकों के साथ-साथ निर्णायकों ने भी जमकर तारीफ की है। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के बाद अब यह फिल्म वैश्विक मंच पर भी चमकने को तैयार है। आगामी सितंबर 2026 में जर्मनी में होने वाले विश्व प्रसिद्ध ‘ग्रीन स्क्रीन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ के लिए भी इस फिल्म का चयन हो चुका है, जहाँ यह उत्तराखण्ड की प्राकृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व करेगी।


