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नैनीताल । नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी मो.उस्मान की पत्नी हुसन बेगम की याचिका की मंगलवार को मुख्य न्यायधीश जी.नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में सुनवाई हुई । हुसन बेगम ने नगर पालिका द्वारा 1 मई को जारी उस नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी है जिसमें दुष्कर्म के आरोपी मो.उस्मान को तीन दिन के भीतर सार्वजनिक स्थान पर किये गए अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया गया था । जो कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ है ।

मंगलवार को नगर पालिका ने शपथ पत्र दाखिल कर बताया कि आरोपी के आवास के खिलाफ जारी नोटिस वापस ले लिए गए हैं। पालिका की ओर से अधिशासी अधिकारी प्रथम व द्वितीय कोर्ट में पेश हुए थे ।

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जबकि एस.एस.पी. प्रहलाद नारायण मीणा ने  न्यायालय को सूचित किया है कि जांच के दौरान दुष्कर्म पीड़ित बच्ची के अनुसूचित जाति का होने का पता चला । जिसके बाद दुष्कर्म के आरोपी मो.उस्मान पर, एस.सी./एस.टी. अधिनियम के तहत धाराएं जोड़ी गई हैं  ।

हाईकोर्ट ने एस.एस.पी., नैनीताल को इस अति संवेदनशील मामले की साप्ताहिक आधार पर जांच प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने और कार्रवाई की रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई अब 5 अगस्त को होगी ।

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याचिका में पीड़िता परिवार की तरफ से पक्षकार बनाये जाने के लिए प्रार्थनापत्र उनके अधिवक्ता के द्वारा पेश किया गया। जबकि हाई कोर्ट बार एशोसिएशन ने अपना पक्ष रखकर कहा कि सोशियल मीडिया में अधिवक्ताओं व न्यायलयों के खिलाफ अभद्रता भरे पोस्ट किए जा रहे है। इस पर रोक लगाने हेतु पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए जाएं।

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