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नैनीताल। चार्टन लॉज में  हुए भूस्खलन के बाद सड़क में पड़ी दरारें बढ़ रही हैं । जिससे अभी खतरा बरकरार है ।  स्थानीय लोग इस क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन के लिये बी डी पांडे अस्पताल परिसर से अतिक्रमण हटाने में लगी बड़ी जे सी बी मशीनों से हुआ ध्वस्तीकरण को जिम्मेदार मान रहे हैं । आरोप है कि इन मशीनों से पहाड़ी में  कम्पन हुई । यह कम्पन जमीन के नीचे स्थित पानी,सीवर की लाइनों से भी फैली । जिससे अब स्थानीय लोगों में
प्रशासन के खिलाफ रोष देखने को मिल रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना
स्वास्थ्य विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान प्रशासन ने तीन
जेसीबी मशीनों को लगाया गया था जिसके चलते बीते कई दिनों से क्षेत्र में
लगातार कम्पन उत्पन्न हो रही थी जिसके चलते अब पहाड़ी में भूस्खलन हुआ है
जिसकी चपेट में आने से आधा दर्जन से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए।

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क्षेत्रीय निवासी बताते हैं कि लंबे समय से पहाड़ी में पानी और
सीवर का रिसाव हो रहा था जिसके चलते पहाड़ी लगातार कमजोर होती गई कई बार
स्थानीय लोगों ने जल संस्थान के अधिकारियों को उसकी जानकारी दी लेकिन जल
संस्थान के अधिकारियों ने इसका संज्ञान नहीं लिया जिसके चलते अब पहाड़ी
में भूस्खलन जैसी बड़ी समस्या देखने को मिल रही है।

प्रशासन के मुताबिक भूस्खलन से सुभाष चिन्याल का दो मंजिला घर
भूस्खलन की चपेट में आने से पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है जबकि पहाड़ी
के नीचे बने मौना,आसिफ अली, मेंहदी हसन तथा तिब्बतिया समुदाय के पसंघ
डोमा,तस्सी खाम्पा,लुंडप, छिमी डोगा के घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए
हैं। प्रशासन के अनुसार यह घर बेहद लापरवाही से बनाया गया । उसमें बुनियाद तक नहीं थी । जबकि दूसरे मंजिल में बने घर में बीम,कॉलम तक नहीं थे ।

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उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार के मुताबिक भूस्खलन प्रभावित
परिवारों को चंद्र भवन समेत सीआरएसटी इंटर कॉलेज में रहने की व्यवस्था की
गई है। कुछ परिवार अपने रिश्तेदारों के वहां चले गए हैं। सुरक्षा को
देखते हुए क्षेत्र को सील कर दिया गया है ताकि कोई प्रभावित क्षेत्र में
न जाए।

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