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नैनीताल।  उत्तराखंड महिला मंच ‘ के सदस्यों द्वारा शनिवार को विधायक नैनीताल सरिता आर्या के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अंकिता भंडारी हत्याकांड की सी बी आई जांच कराने की मांग की ।
 ज्ञापन में कहा गया गया है पूर्व में ‘उत्तराखंड महिला मंच’ की  फैक्ट फाईंडिंग रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद तथ्यों को नष्ट करने, तथ्य छिपाने और वी.आई.पी. का नाम उजागर न करने पर पूरे तंत्र के शक के दायरे में होने का अंदेशा जताया गया था। अब उर्मिला सनावर के बयानों में दुष्यंत गौतम का नाम स्पष्ट रूप से आने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसलिए मामले की सी.बी. आई. जांच आवश्यक है।
 स्थानीय विधायक को ज्ञापन देने में डा. शीला रजवार, पार्वती मेहरा, चम्पा उपाध्याय, माया चिलवाल, गायत्री, भावना आदि मौजूद रहे।
इधर विगत दिवस कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष खष्टी बिष्ट के नेतृत्व में महिलाओं ने विधायक सरिता आर्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी वी आई पी के खिलाफ कार्यवाई की मांग की ।

जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष ख़ष्टी बिष्ट कहा कि पुलिस की संदिग्ध भूमिका और सत्ताधारी पार्टी के अड़ियल रवैये से कुछ नामचीन लोगों को बचाने के लिए उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए जो इस बेटी अंकिता की निर्मम ‌हत्याकांड से ताल्लुक़ रखते हैं।
उन्होंने बताया कि  विधायक को इस संदर्भ में चार बिंदुओं का ज्ञापन दिया गया जिसमें पुलिस के ढुलमुल रवैये पर नाराज़गी, सत्ता पक्ष की चुप्पी,
मामले को सीबीआई जाँच में दिए जाने ,
तथा माँगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
अपने वक्तव्य में श्रीमती बिष्ट कहा कि आख़िर पूरी सरकार मौन क्यों है?
यहाँ तक कि महिला विधायकों ,की संवेदना भी सूख गई है।
विधानसभा की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठी ,  अध्यक्षा का ऐसे संवेदनशील मामले में चुप रहना घोर निराशाजनक है। उन्होंने पूछा कि पहाड़ की बहन , बेटियां कब तक असुरक्षित रहेंगी ? उनकी सुरक्षा के ज़िम्मेदार लोग मौन क्यों हैं?
इस प्रतिनिधिमंडल में धनी दुमका, जया कपिल, माया पंत, निशा बिष्ट, अंजू चौधरी, ममता बिष्ट, शोभा आर्या, गीता , ममता पांडे, तुलसी बिष्ट, रचना, सुरभि, कंचन और सुमन आदि महिलाएं उपस्थित रहे। उन्होंने दुख और आश्चर्य ज़ाहिर करते हुए कहा कि, न तो सरकार आरोपियों अपराधियों का ख़ुलासा ही कर पा रही है ।और ना ही मामले को, सीबीआई जांच को सौंप रही है ।
जो उनके दोहरे चरित्र को दिखाता है।

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