नैनीताल । लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग में एक अक्तूबर 2005 तक वर्कचार्ज से नियमित हुए कर्मचारियों को ही पेंशन मिलेगी । इस तिथि के बाद जिन कर्मचारियों को नियमित हुए बिना ही वर्कचार्ज सेवा अवधि के आधार पर पेंशन दी है, उनकी पेंशन अब रोक दी जाएगी । हालांकि उनसे अब तक दी गई पेंशन की वसूली नहीं की जाएगी । इस नए शासनादेश से लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के सैकड़ों वर्कचार्ज कर्मचारियों को करारा झटका लगा है । लोक निर्माण विभाग वर्कचार्ज, नियमित कर्मचारी संघ ने इस नए शासनादेश पर कड़ा एतराज जताया है और कल (आज) नैनीताल में रैली निकालकर इस शासनादेश की होली जलाने का ऐलान किया है ।
संघ के कुमाऊँ मंडल संयोजक गिरीश जोशी ने बताया कि 16 जनवरी को वित्त सचिव डा.वी. षणमुगम के हस्ताक्षरों से जारी आदेश में कहा गया है कि 1 अक्टूबर तक नियमित हुए कर्मचारियों को ही पेंशन दी जाएगी ।पेंशन के लिए न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अनिवार्य होगी। 10 वर्ष की अवधि पूरी नहीं हो रही तो वर्कचार्ज सेवा अवधि के कुछ वर्ष जोड़े जा सकते हैं।
जिन कर्मचारियों को पेंशन में पूरी वर्कचार्ज सेवा अवधि का लाभ मिला, उनकी पेंशन दोबारा तय होगी। पेंशन गणना में केवल आवश्यक न्यूनतम अवधि को ही शामिल किया जाएगा।
एक अक्तूबर 2005 से पहले नियमित लेकिन स्थायी नहीं हुए वर्कचार्ज कार्मिकों को पुरानी पेंशन नहीं मिलेगी। यदि वर्कचार्ज सेवा के आधार पर पुरानी पेंशन मिल रही है तो वह बंद होगी । एक अक्तूबर 2005 के बाद स्थायी हुए कर्मचारियों को अंशदायी पेंशन योजना या एकीकृत पेंशन योजना का लाभ मिलेगा।
इस शासनादेश से अभी वर्षों तक वर्कचार्ज रूप में सेवा करने के बाद कुछ वर्ष पूर्व नियमित हुए कर्मचारी जो पेंशन की आस लगाए बैठे थे,को करारा झटका लगा है । ये कर्मचारी वर्कचार्ज की सेवाओं को नियमित सेवा के रूप में शामिल करने की मांग कर रहे थे । शासन के इस ताजा आदेश से दोनों विभागों के वर्कचार्ज, नियमित कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष है ।


